एशिया सोसायटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि वेंडी कटलर ने बढ़ते द्विपक्षीय विवाद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, अफसोस की बात है कि अमेरिका-भारत विवाद बढ़ता जा रहा है और अब राष्ट्रपति 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर रहे हैं। इससे अमेरिका को होने वाले ज्यादातर भारतीय निर्यात लगभग बंद हो जाएंगे।
भारत के खिलाफ अधिक टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर अमेरिकी विशेषज्ञों ने गहरी चिंता जताई है। रूस के साथ अमेरिकी व्यापार का हवाला देते हुए ट्रंप को आईना भी दिखाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका जब खुद रूस के साथ व्यापार करता है तो उसे भारत को उपदेश देने से पहले सोचना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र के पूर्व हथियार निरीक्षक, अमेरिकी मरीन कोर के पूर्व खुफिया अधिकारी व लेखक स्कॉट रिटर ने भारत पर अधिक टैरिफ लगाने के लिए ट्रंप पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पोस्ट में रिटर ने कहा, अमेरिका ने 2024 में 3 अरब डॉलर से अधिक के रूसी सामान आयात किए। इससे लगभग 600 टी-90 टैंकों की कीमत चुकाई जा सकती है। यह दो रूसी बख्तरबंद डिवीजनों को लैस करने के लिए काफी है। ऐसे में अगली बार जब ट्रंप भारत को उपदेश दें, तो इस बारे में जरूर सोंचे।
एशिया सोसायटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि वेंडी कटलर ने बढ़ते द्विपक्षीय विवाद पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, अफसोस की बात है कि अमेरिका-भारत विवाद बढ़ता जा रहा है और अब राष्ट्रपति 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर रहे हैं। इससे अमेरिका को होने वाले ज्यादातर भारतीय निर्यात लगभग बंद हो जाएंगे।
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चीन विवाद को स्वागत करेगा
कटलर ने एक बयान में कहा कि चीन संभवतः इन घटनाक्रमों का स्वागत कर रहा है। अब वह दिल्ली के साथ अपने संबंधों को सुधारने के लिए कुछ कदम उठा सकता है। अब समय आ गया है कि अमेरिकी और भारतीय अधिकारी निजी तौर पर अपने मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करें।