अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर विदेशी खतरों का साया मंडरा रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में आगाह करते हुए कहा है कि हाल के दिनों में विदेशी तत्व देश के चुनावी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए राजनीतिक चुनाव प्रचार अभियानों, प्रत्याशियों और अन्य राजनीतिक विरोधियों के निजी संचार माध्यमों से छेड़छाड़ की दिशा में सक्रियता से काम कर रहे हैं।
विदेशी संस्थाएं भी मतदाताओं को भ्रम में डालने की मंशा से आक्रामक तरीके से दुष्प्रचार कर रही हैं। हालांकि, अमेरिका के दुश्मनों को चुनाव अभियानों या चुनाव प्रणाली में सेंध लगाने में कोई कामयाबी नहीं मिली है। अब तक इस बात के कोई सुबूत भी नहीं मिले हैं।