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अमेरिका में डाक मतपत्रों पर घमासान, ट्रंप के बदलाव का विरोध

Tue, 18 Aug 2020 03:06 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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अमेरिका में डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट्स) को लेकर जबरदस्त घमासान जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां इसे लेकर पोस्टल सेवा में बदलाव करने जा रहे हैं, वहीं सदन अपनी गर्मी की छुट्टियों में कटौती करेगा ताकि वह उस कानून पर विचार कर सके जिनके जरिए इन बदलावों का मुकाबला किया जा सके। प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा कि वे सदन का सत्र दोबारा बुला रही हैं।

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पेलोसी सांसदों को मिलने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि को बीच में ही रोककर मतदान करवाएंगी। यह कार्यवाही शनिवार को हो सकती है। दरअसल, अमेरिका में इस बात की चिंता जताई जा रही है कि ट्रंप के नेतृत्व में व्हाइट हाउस चुनाव से पहले डाक एजेंसी की भूमिका को कम करने की कोशिश कर रहा है।


जबकि पेलोसी यह मतदान इसलिए कराना चाहती हैं ताकि डाक सेवा में ट्रंप प्रशासन द्वारा किए गए बदलाव रोके जा सकें। सदन को बुलाने का फैसला एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। पेलोसी ने कहा, ‘महामारी के दौर में डाक मतपत्र चुनाव की धुरी हैं लेकिन जीवन, आजीविका और अमेरिकी लोकतंत्र को राष्ट्रपति से खतरा है।’ डेमोक्रेट सांसदों ने मांग की थी कि डाक सेवा के प्रमुख पदाधिकारी डाक में देरी के संबंध में 24 अगस्त को होने वाली आपात सुनवाई में गवाही दें।
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डाक पेटियों को हटाने की शिकायत
इससे पहले अमेरिकी डाक सेवा ने राज्यों को चेताया कि वह इस बात की गारंटी नहीं ले सकता कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में सभी डाक मतपत्र गिनती के लिए समय पर पहुंच जाएंगे। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि लाखों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। कई राज्यों के मतदाताओं और सांसदों ने शिकायत की कि कुछ स्थानों पर लगीं डाक पेटियों (लैटर बॉक्स) को हटाया जा रहा है।
 
ट्रंप को डाक व्यवस्था पसंद नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति बड़े पैमाने पर डाक के जरिए मतदान कराने के खिलाफ हैं। दरअसल, ट्रंप मानते हैं कि उनके समर्थक बड़ी संख्या में मतदान करेंगे, लेकिन यदि पोस्टल बैलेट की सुविधा मिली तो डेमोक्रेट वोटरों की संख्या बढ़ सकती है। इसीलिए ट्रंप कहते आए हैं कि लोग मेलबॉक्स से बैलेट निकाल सकते हैं और कई तरह की हेराफेरी कर सकते हैं। इसका असर चुनाव नतीजों पर पड़ सकता है।
  
डाक विभाग ने खड़े किए हाथ
अमेरिका में नवंबर में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव पर संकट आया हुआ है। कोरोना के बीच ये तय नहीं हो सका है कि किस तरीके से वोटिंग हो, जो सुरक्षित रहे। इस बीच डाक के जरिए वोट देने पर खुद अमेरिकी डाक विभाग ने हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना है कि वो सभी मतपत्रों की गिनती की गारंटी नहीं दे सकता।
 
क्या है पोस्टल वोटिंग
डाक के जरिए वोटिंग एक खास प्रक्रिया है, जिसमें डिमांड करने पर वोटिंग लिस्ट से जुड़े हर मतदाता के पास एक खाली डाक मतपत्र आता है। यानी जिन लोगों को डर है कि बूथों पर जाने से उन्हें संक्रमण हो सकता है वे डाक मतपत्र बुलाकर मतदान कर सकते हैं। जबकि डाक विभाग कह रहा है कि उनके मतों की गिनती होना बहुत मुश्किल भरा होगा क्योंकि क्षमता की कमी है।

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