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US: अमेरिका की मिलिट्री परेड फ्लॉप साबित हुई, लोग बोले- भारत में एनसीसी कैडेट्स इनसे ज्यादा जोश में चलते हैं

Mon, 16 Jun 2025 08:51 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

एक यूजर ने लिखा कि 'विश्वास नहीं होता कि अमेरिका की मिलिट्री परेड इतनी निराशाजनक होगी। दुनिया की सबसे बड़ी सेना के सैनिक 250वीं वर्षगांठ पर बिना कदमताल मिलाए चल रहे हैं। उनके टैंक भी अलग-थलग दिख रहे हैं और बेहद कम लोगों के सामने सैनिकों का जोश नदारद है।'
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अमेरिकी सैनिक परेड करते और राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें सैल्यूट करते हुए - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हुई मिलिट्री परेड फ्लॉप साबित हुई है। सोशल मीडिया पर लोग इस परेड का मजाक बना रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अमेरिकी सैनिक परेड के दौरान बिल्कुल भी जोश में नहीं थे और उनके कदमताल भी असमान थे। परेड देखने के लिए लोगों में उत्साह भी नहीं था और बहुत कम संख्या में लोग पहुंचे थे। 
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राष्ट्रपति ट्रंप ने ली सलामी
राष्ट्रपति ट्रंप ने परेड की सलामी ली। इस दौरान उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और प्रशासन के शीर्ष नेता और अधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि 'आज, हम ये पक्का करते हैं कि आने वाले वर्षों और पीढ़ियों में, जब भी ड्यूटी हमें बुलाएगी और जब भी देश पर खतरा आएगा, अमेरिकी सैनिक वहां जरूर होंगे।' अमेरिका में इससे पहले साल 1991 में आखिरी बार परेड हुई थी और उसके बाद अब हुई है। इस परेड में 6,600 सैनिकों ने हिस्सा लिया। साथ ही टैंक और रोबोट डॉग्स ने भी कॉन्स्टिट्यूशन एवेन्यू पर मार्च किया। हालांकि सोशल मीडिया पर जब परेड की वीडियो सामने आईं तो लोग इसे खुश नहीं दिखे और उन्होंने सैनिकों में उत्साह और जोश की कमी बताई। 

यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शन
एक यूजर ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी मिलिट्री परेड का वीडियो साझा किया और लिखा कि 'यह एक बकवास कार्यक्रम था। सैनिकों के बूटकैंप में इससे ज्यादा अच्छी मार्च होती है।' एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'भारत में एनसीसी कैडेट्स भी सुपरपावर अमेरिका के सैनिकों से बेहतर परेड करते हैं।'
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एक अन्य यूजर्स ने अमेरिकी सैनिकों की थकी हुई चाल को देखकर मजाक उड़ाते हुए लिखा कि 'ऐसा लग रहा है कि दूध लेने जा रहे हैं'। एक यूजर ने लिखा कि 'विश्वास नहीं होता कि अमेरिका की मिलिट्री परेड इतनी निराशाजनक होगी। दुनिया की सबसे बड़ी सेना के सैनिक 250वीं वर्षगांठ पर बिना कदमताल मिलाए चल रहे हैं। उनके टैंक भी अलग-थलग दिख रहे हैं और बेहद कम लोगों के सामने सैनिकों का जोश नदारद है। न तो तकनीक दिखाई गई और न ही आधुनिक हथियार। साथ ही परेड के दौरान बजा संगीत भी बेहद खराब रहा।'






 
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