यूरोपीय यूनियन और जेलेंस्की के साथ ट्रंप
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत से चिढ़े हुए हैं। दरअसल वे अपने वादे के अनुसार, अभी तक रूस-यूक्रेन युद्ध नहीं रुकवा पाए हैं और अब उन्होंने इसका ठीकरा भारत पर फोड़ना शुरू कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि भारत द्वारा रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदा जा रहा है, जिससे यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषण मिल रहा है। इसी का बहाना बनाकर ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया। हालांकि उनका ये दांव भी फीका रहा और भारत पर इसका बहुत ज्यादा असर होता नहीं दिख रहा है। इससे ट्रंप लग रहा है कि और चिढ़ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब ट्रंप यूरोपीय देशों पर भी दबाव बना रहे हैं कि वे भी रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाएं।
भारत के खिलाफ यूरोपीय देशों को भड़का रहे ट्रंप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस ने यूरोपीय देशों से भारत पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका जैसे प्रतिबंध लगाने को कहा है, जिसमें नई दिल्ली से खरीदे जाने वाले सभी तेल और गैस पर पूरी तरह से रोक लगाना भी शामिल है। गौरतलब है कि यूरोपीय नेता भी यूक्रेन में युद्ध समाप्त कराने के पक्ष में हैं। हालांकि जहां अमेरिका का दावा है कि भारत रूसी तेल खरीद रहा है और उससे मुनाफा कमा रहा है, वहीं अधिकांश यूरोपीय देश इस मुद्दे पर काफी हद तक चुप रहे हैं और उन्होंने ट्रंप के टैरिफ कदम का खुलकर समर्थन या विरोध नहीं किया है।
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इस बात से भी नाराज हैं ट्रंप
अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच 7 से 10 मई के बीच हुए संघर्ष को लगातार रुकवाने का दावा किया है। पाकिस्तान ने जहां ट्रंप के दावे को स्वीकृति दी है बल्कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की भी मांग कर डाली है। वहीं भारत का रुख इस मामले में बिल्कुल अलग रहा है। भारत ने बार-बार कहा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है और डीजी स्तर की बातचीत के बाद दोनों देशों में संघर्ष विराम पर सहमति बनी। इसे लेकर ट्रंप, भारत से नाराज बताए जा रहे हैं।