अमेरिका में 25 अप्रैल को हुए हाई-प्रोफाइल हमले का वीडियो अब सामने आया है। इस घटना की सिक्योरिटी फुटेज अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन फेरिस पिरो ने सार्वजनिक की, जिसमें आरोपी की पूरी गतिविधि साफ दिखाई देती है।
वीडियो के मुताबिक, 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन वाशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान सुरक्षा चेकपॉइंट को पार कर अंदर घुसता है और कथित तौर पर एक सीक्रेट सर्विस एजेंट पर बेहद करीब से गोली चला देता है। एजेंट को सीने में गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई।
जांच एजेंसियों ने एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें आरोपी को हमले से एक दिन पहले यानी 24 अप्रैल को होटल के अलग-अलग हिस्सों, हॉलवे और जिम एरिया में घूमते देखा गया। इससे साफ है कि उसने पहले से योजना बनाकर रेकी की थी।
जांच में सामने आया है कि एलन अपने साथ 12-बोर पंप-एक्शन शॉटगन और तीन चाकू लेकर आया था। उसने कैलिफोर्निया के टॉरेंस से ट्रेन के जरिए वॉशिंगटन तक यात्रा की और होटल में कमरा भी बुक किया था।
सीक्रेट सर्विस के निदेशक शॉन कुरेन ने एजेंसी की तैयारियों का बचाव किया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर्ड) थी और हमले को बाहरी परिधि पर ही कुछ सेकंड में रोक दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सुरक्षा योजना में कोई बदलाव नहीं करेंगे। कुरेन के अनुसार, मैग्नेटोमीटर से लेकर उस मंच तक, जहां ट्रंप बैठे थे, लगभग 355 फीट की दूरी थी। इस बीच दो सीढ़ियां, एक दरवाजा और कई सशस्त्र सीक्रेट सर्विस अधिकारी तैनात थे, जिससे सुरक्षा के कई स्तर सुनिश्चित किए गए थे। उन्होंने कहा कि साइट पूरी तरह से सही तरीके से तैयार की गई थी।
अमेरिकी न्याय विभाग ने एलन पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश सहित कई संघीय आरोप लगाए हैं। दोषी पाए जाने पर उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। साथ ही, अवैध रूप से हथियार ले जाने और हिंसक अपराध में गोली चलाने के आरोप भी जोड़े गए हैं।
अदालत में पेशी के दौरान एलन ने आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उसने खुद को कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री धारक बताया। अभियोजक जोसेलिन बैलांटाइन ने कहा कि आरोपी ने अमेरिका के राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश की।
जांच एजेंसियों के अनुसार, एलन ने अपने परिवार को संदेश भेजकर खुद को दोस्ताना संघीय हत्यारा बताया था और ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाने की योजना का जिक्र किया था। अधिकारियों को शक है कि राष्ट्रपति भी उसके संभावित टारगेट में शामिल थे।
इस गोलीबारी से कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए टेबलों के नीचे छिप गए। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को बाहर निकाला। इस घटना ने अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हिंसा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि हिंसा का लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं।