अमेरिका ने भारत को कई प्रमुख क्षेत्रों में अपना भागीदार बताया है। साथ ही नई दिल्ली से यूक्रेन के लिए स्थायी और न्यायपूर्ण शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह किया है।
पीएम मोदी की रूस यात्रा के बाद अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल से बृहस्पतिवार को सवाल किया गया। जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जिसके साथ हम कई प्रमुख क्षेत्रों में भागीदार हैं। यह पिछली गर्मियों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुआ था, जब हमने प्रधानमंत्री मोदी की राजकीय यात्रा की मेजबानी की थी। वहीं, यूक्रेन और रूस की क्षेत्रीय संप्रभुता पर चल रही आक्रामकता और उल्लंघन के संदर्भ में, उन्होंने कहा, हम भारत सहित सभी भागीदारों से यूक्रेन के लिए एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के प्रयासों का समर्थन करने के लिए कहते रहेंगे। हम रूस से भी आग्रह करते हैं कि वह यूक्रेन के संप्रभु क्षेत्र से अपनी सेना को वापस बुलाए।
पीएम नरेंद्र मोदी 8-9 जुलाई तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। 2022 में मॉस्को और कीव के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम मोदी की रूस यात्रा पर निराशा व्यक्त कर शांति प्रयासों के लिए विनाशकारी झटका बताया था।
जबकि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में बच्चों की हत्याओं का मुद्दा उठाया था। कहा कि जब निर्दोष बच्चे मरते हैं तो यह दिल दहला देने वाला होता है।
पीएम मोदी ने बैठक के दौरान कहा, चाहे युद्ध हो, संघर्ष हो, आतंकवादी हमले हों, मानवता में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को जान का नुकसान होने पर दुख होता है। लेकिन जब निर्दोष बच्चों की हत्या होती है, जब हम निर्दोष बच्चों को मरते हुए देखते हैं, तो यह दिल दहलाने वाला होता है। वह दर्द बहुत बड़ा होता है। मेरी इस मुद्दे पर आपके साथ विस्तृत चर्चा भी हुई है। उन्होंने कहा कि युद्ध का मैदान कोई समाधान नहीं है। बम, बंदूक और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती है।