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US: भारतवंशी रामास्वामी ने खुद छोड़ा DOGE या मस्क ने हटाया? ट्रंप सरकार में उभरे पहले विवाद पर जानें सबकुछ

Thu, 23 Jan 2025 02:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

विवेक रामास्वामी के सरकारी दक्षता मंत्रालय से हटने को लेकर नया विवाद क्या है? क्या एलन मस्क ने उन्हें इस नए मंत्रालय से निकाला? या फिर रामास्वामी ने खुद इसे छोड़ने का फैसला किया और किसी दूसरी जिम्मेदारी के लिए तैयार हो गए हैं? इसके अलावा अमेरिकी मीडिया में रामास्वामी के पद छोड़ने को लेकर क्या चर्चाएं जारी हैं? आइये जानते हैं...
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विवेक रामास्वामी, डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद ग्रहण करने के ठीक बाद यह सामने आया कि सरकार में गठित हुए नए विभाग डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के दो संस्थापक सदस्यों में से एक विवेक रामास्वामी अब इसका हिस्सा नहीं रहेंगे। यानी डोज का नेतृत्व सिर्फ एलन मस्क के हाथ में रहेगा। इस खबर के बाहर आने के बाद से ही अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी में फूट की खबरें तेजी से पैर पसार रही हैं। जहां डेमोक्रेटिक पार्टी पहले से ही एलन मस्क पर हमलावर है, वहीं खुद एलन मस्क और रामास्वामी ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है। 
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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर विवेक रामास्वामी के डोज से हटने को लेकर नया विवाद क्या है? क्या एलन मस्क ने उन्हें इस नए मंत्रालय से निकाला? या फिर रामास्वामी ने खुद इसे छोड़ने का फैसला किया और किसी दूसरी जिम्मेदारी के लिए तैयार हो गए हैं? इसके अलावा अमेरिकी मीडिया में रामास्वामी के पद छोड़ने को लेकर क्या चर्चाएं जारी हैं? आइये जानते हैं...

डोज की स्थापना का विचार कैसे आया?
रिपोर्ट्स की मानें तो एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को इसका आइडिया दिया था। मस्क का मानना था कि अमेरिका अपने कई प्रोजेक्ट्स और योजनाओं में जरूरत से ज्यादा खर्च करता है। इतना ही नहीं मस्क ने सरकारी विभागों में जरूरत से ज्यादा सरकारी कर्मियों के होने की भी बात कही थी। टेस्ला संस्थापक का मानना है कि संघीय सरकार में ज्यादा कर्मी होने की वजह से लालफीताशाही बढ़ गई थी और सरकार को कम कर्मियों के साथ अपनी दक्षता को बढ़ाने पर काम करना चाहिए। मस्क का दावा था कि संघीय बजट में कमी कर वह सरकार के दो ट्रिलियन डॉलर बचा सकते हैं। 

मस्क के इस प्रस्ताव के बाद अगस्त 2024 में पहली बार ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान में एक रैली के दौरान कहा था कि अगर वह चुने जाते हैं तो वह मस्क को सरकार में सलाहकार नियुक्त करेंगे। मस्क ने इसके जवाब में एक्स पर एआई से बनी एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने खुद को डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंशी (DOGE) के शीर्षक वाले एक दफ्तर के सामने खड़ा दिखाया था। इस पोस्ट में मस्क ने कहा था- मैं सेवा देने के लिए तैयार हूं। 

बताया जाता है कि मस्क को मंत्रालय का यह नाम क्रिप्टोकरेंसी डोजकॉइन से मिला, जिसका दुनिया के सबसे अमीर शख्स खुद प्रचार करते हैं। यह क्रिप्टोकरेंसी एक लोकप्रिय डॉग शिबा इनु पर आधारित है, जो कि कई वर्षों तक सोशल मीडिया मीम्स का हिस्सा बना रहा है। इस डॉग को ही मीम्स में डोज बुलाया जाता था और मस्क खुद कई मौकों पर डोज शब्द का इस्तेमाल करते रहे हैं।



इन खबरों के सामने आने के दौरान ही विवेक रामास्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट कर डोज से अपनी विदाई की पुष्टि भी कर दी। उन्होंने इसमें लिखा, "डोज की स्थापना और इसका समर्थन मेरे लिए सम्मान की बात थी। मुझे विश्वास है कि एलन और टीम सरकार को मुख्यधारा में रखने में सफल होगी। मैं जल्द ही ओहायो में अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करुंगा।"

1. तो क्या रिपब्लिकन नेताओं की नापसंदगी की वजह से निकाले गए रामास्वामी?
अमेरिकी मीडिया में चल रहीं रिपोर्ट्स में रामास्वामी और मस्क के बीच आपसी मतभेद का भी दावा किया गया। मस्क के समर्थकों की तरफ से रामास्वामी की ताकत कम किए जाने और उन्हें मंत्रालय से बाहर निकालने की कोशिशों की खबरें आईं। 

पॉलिटिको ने टेस्ला और स्पेसएक्स प्रमुख के तीन करीबियों के हवाले से दावा किया कि मस्क ने खुद यह जता दिया था कि वह रामास्वामी को डोज से बाहर करना चाहते हैं। इसकी एक बड़ी वजह उनका एच-1बी वीजा विवाद के बीच एक कमेंट रहा, जिसमें उन्होंने पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और कहा था कि टेक कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को इसलिए काम पर रखती हैं, क्योंकि इस देश के लोगों में एक मानसिकता है, जो उत्कृष्टता से ज्यादा औसत दर्जे का सम्मान करती है। 

इसके अलावा न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी रिपोर्ट में कहा है कि एलन मस्क के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप भी विवेक रामास्वामी के एच-1बी वीजा विवाद के बीच की गई टिप्पणी से निजी तौर पर नाखुश थे। वे इस मुद्दे पर खुद को घसीटे जाने को लेकर भी नाराज थे। ट्रंप के कई करीबियों, जिनमें व्हाइट हाउस के पूर्व अफसर स्टीव बैनन भी शामिल थे, रामास्वामी के बयानों से खुश नहीं थे।

इस रिपोर्ट में कहा गया था कि रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता विवेक रामास्वामी को पहले ही मंत्रालय से निकालना चाहते थे। लेकिन उनके इस पोस्ट के बाद मस्क समर्थकों को रामास्वामी के खिलाफ जंग छेड़ने का बहाना मिल गया और मस्क ने इस स्थिति के बीच रामास्वामी को बाहर कर दिया। 

रिपोर्ट में दावा - फोटो : Amar Ujala
2. या गवर्नर पद के लिए खड़े होने की वजह से पद से हटे?
पॉलिटिको की इसी रिपोर्ट में रामास्वामी के बाहर होने से जुड़ा दूसरा बड़ा दावा किया गया है। बताया गया है कि विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद के लिए खड़े होने की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में मस्क को यह लगा कि रामास्वामी के लिए डोज में काम करते हुए गवर्नर पद के लिए चुनाव प्रचार करना आसान होगा। 

मस्क के करीबी के इस दावे के सही होने की संभावना ट्रंप की ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता एना केली के बयान से भी मिलती है। दरअसल, रामास्वामी के डोज से हटने के बाद केली ने उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता ने डोज की स्थापना में अहम भूमिका निभाई और अब उनके गवर्नर पद के लिए खड़े होने की योजना की वजह से यह जरूरी था कि वह सरकारी दक्षता विभाग से बाहर हो जाते। 

इस मामले में रामास्वामी के एक करीबी ने भी कहा कि उनका मस्क से कोई मतभेद नहीं है। लेकिन गवर्नर पद के लिए खड़े होने और सरकारी विभाग को चलाना, यह दोनों काम एक साथ करने की संभावना काफी कम थी। 

3. सरकार से सीधे जुड़ाव पर एकमत नहीं थे मस्क-रामास्वामी?
दूसरी तरफ द वॉशिंगटन पोस्ट अखबार की रिपोर्ट में एलन मस्क और विवेक रामास्वामी के बीच सरकारी दक्षता मंत्रालय की कार्यशैली में फर्क की वजह से मतभेद की बात कही गई। इसके मुताबिक, रामास्वामी चाहते थे कि उनका मंत्रालय एक थिंक टैंक की तरह काम करे, जो कि यह सुझाव दे सके कि किन सरकारी एजेंसियों और विभागों में छंटनी करनी है और किन्हें बंद करना है। इसके अलावा किन नियामकों और नियमों को बिना संसदीय मंजूरी के खत्म करना है। 

दूसरी तरफ एलन मस्क का ध्यान खर्चों को कम करने और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क इस मंत्रालय के जरिए सिर्फ सरकारी कामों में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहते थे। ट्रंप के जिस कार्यकारी आदेश के तहत सरकारी दक्षता मंत्रालय का गठन हुआ है, उसमें भी इस मंत्रालय को असीमित तकनीकी पहुंच दी गई है। उन्हें सभी एजेंसियों के अनक्लासिफाइड रिकॉर्ड्स, सॉफ्टवेयर सिस्टम और आईटी सिस्टम तक का एक्सेस मिला है। ऐसी अटकलें हैं कि एलन मस्क इस पहुंच को अपने फायदे तक ही सीमित रखना चाहते थे। 

अमेरिकी मीडिया समूह 'द हिल' ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि, मस्क को सरकारी दक्षता मंत्रालय के लिए व्हाइट हाउस परिसर में ही दफ्तर मिलेगा, ऐसे में वह अपनी टीम को सरकार के अंतर्गत ही रखना चाहते थे, जबकि विवेक रामास्वामी की योजना इस संस्था को पूरी तरह से गैर-सरकारी संगठन के तौर पर चलाने की थी। बताया जाता है कि इसे लेकर दोनों के बीच मतभेद उभरे थे। मस्क खुद को व्हाइट हाउस में ही स्थापित कर लगातार डोनाल्ड ट्रंप के करीब रहने की तैयारी कर चुके थे।

विवेक रामास्वामी - फोटो : एक्स@MarioNawfal
ओहायो के गवर्नर पद के लिए उम्मीदवारी का जल्द एलान संभव
2024 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की दावेदारी पेश करने वाले रिपब्लिकन पार्टी के नेता विवेक रामास्वामी अगले साल ओहायो के गवर्नर पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए जल्द उम्मीदवारी का एलान कर सकते हैं। सिनसिनाटी के रहने वाले 39 वर्षीय रामास्वामी ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हाल ही में खाली हुई सीनेट सीट में रुचि दिखाई थी। हालांकि, ओहायो के मौजूदा गवर्नर माइक डेविन ने जेडी वेंस के उत्तराधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट गवर्नर जॉन हस्टेड को चुना है। ऐसे में रामास्वामी अब ओहायो के गवर्नर पद पर ही उम्मीदवारी पेश कर सकते हैं।
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रामास्वामी के अचानक डोज छोड़ने पर बाकी हैं कई सवाल
  • डोनाल्ड ट्रंप ने शपथग्रहण से ठीक एक दिन पहले- रविवार को दिए गए भाषण में विवेक रामास्वामी के सरकारी दक्षता मंत्रालय से हटने पर कोई बात नहीं की थी। यहां तक कि ट्रंप ने यह कहा था कि हमारे पास एलन मस्क और विवेक जैसे जबरदस्त लोग हैं, जो खर्चों को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। 
  • इतना ही नहीं ट्रंप के शपथग्रहण के दौरान रामास्वामी उनके आसपास ही दिखे थे। एक मौके पर वे डोनाल्ड ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स से बात करते भी नजर आए। 
  • इसके अलावा ट्रंप के शपथग्रहण के दिन ही रामास्वामी ने मस्क से हाथ मिलाते हुए एक फोटो भी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था- 'एक नई सुबह।'
  • हालांकि, इसी दिन सुबह रामास्वामी के एक करीबी ने पुष्टि की थी कि वह मंत्रालय को छोड़ रहे हैं। इसके कुछ देर बाद रामास्वामी ने खुद डोज को छोड़ने का एलान कर दिया। 
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