अमेरिका रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने कहा है कि भारत की मंजूरी के बिना उसके विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के दायरे में अमेरिकी नौसैनिक पोत द्वारा नौवहन अधिकारों का इस्तेमाल करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक है।
अमेरिकी नौसेना के पोत जॉन पॉल जोंस के भारत के ईईजेड से गुजरने के संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा था कि यह समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र के समझौते का उल्लंघन है।
भारत की प्रतिक्रिया से संबंधित सवाल पर पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, मैं कह सकता हूं कि नौसेना के विध्वंसक पोत यूएसएस जॉन पॉल जोंस ने मालदीव गणतंत्र के नजदीक समुद्री क्षेत्र में सामान्य परिचालन के तहत गैर हानिकारक तरीके से गुजरते हुए अपने नौवहन अधिकारों एवं स्वतंत्रता का उपयोग किया और ऐसे में उसने बिना पूर्वानुमति के उसके विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में अभ्यास किया।
अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े के कमांडर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मिसाइल विध्वंसक पोत यूएसएस जॉन पॉल जोंस के जरिये सात अप्रैल को यह अभियान शुरू किया गया।
किर्बी ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक उड़ान भरने, समुद्री परिचालन करने तथा परिचालन के अपने अधिकार तथा जिम्मेदारी को बनाए रखेंगे। नौवहन स्वतंत्रता को कायम रखना, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्र के कानूनी उपयोग, आजादी एवं अधिकारों को बनाए रखना अमेरिका की जिम्मेदारी है।