अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने शुक्रवार को भरोसा जताया कि क्यूबा जल्द ही साम्यवाद के चंगुल से आजाद हो जाएगा। अमेरिकी सांसदों और क्यूबा के अधिकारियों के बीच बढ़ते वार-पलटवार के बीच यह टिप्पणी सामने आई है। सीनेटर ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "मेरा मानना है कि क्यूबा के अद्भुत लोगों की साम्यवाद के चंगुल से मुक्ति बहुत करीब है। क्यूबा लिबरे।"
अमेरिकी प्रतिनिधि कार्लोस ए. जिमेनेज ने भी क्यूबा में राजनीतिक बदलाव का समर्थन करते हुए कहा, "क्यूबा जल्द ही स्वतंत्र होगा। यह अनगिनत लोगों के प्रयासों से संभव होगा, जो क्यूबा के अंदर और बाहर दोनों जगह मौजूद हैं। अी बहुत देर नहीं हुई है।"
क्यूबा का अमेरिका पर आरोप
वहीं, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने अमेरिका की आलोचना की है। उन्होंने वॉशिंगटन के अधिकारियों पर क्यूबा के प्रति शत्रुता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। राष्ट्रपति ने कहा, "क्यूबा का अमेरिका के लिए खतरा होना केवल कुछ अमेरिकी अधिकारियों के बीमार दिमाग में ही संभव है, जिन्होंने हमारे द्वीप के प्रति नीति का अपहरण कर लिया है। वे इस राष्ट्र के लोगों और दुनिया को बेशर्मी से झूठ बोलकर एक नए अकारण युद्ध को उचित ठहराते हैं, जिसमें दोनों देशों के लिए मानवीय जीवन का उच्च जोखिम है।"
सामूहिक विरोध प्रदर्शन
क्यूबा के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि 250,000 से अधिक क्यूबा के नागरिक सेना जनरल राउल कास्त्रो रूज पर कथित आरोप की निंदा करने के लिए एकत्र हुए थे। 'एक्स' पर एक पोस्ट में कार्यालय ने कहा, "क्रांति के नेता, क्यूबा क्रांति के जनरल राउल कास्त्रो रूज पर कथित आरोप की निंदा करने के लिए आज सुबह ऐतिहासिक एंटी-इंपीरियलिस्ट ट्रिब्यून पर 250,000 से अधिक क्यूबावासी एकत्र हुए। उनके साथ राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल बर्मुडेज भी थे।"
लोकतंत्र समर्थक नेता से मुलाकात
वेटिकन में अमेरिकी दूतावास के ब्रायन बर्च ने क्यूबा के लोकतंत्र समर्थक नेता जोस डैनियल फेरर से मुलाकात की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "क्यूबा के लोकतंत्र समर्थक नेता जोस डैनियल फेरर से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं, जिन्होंने क्यूबा शासन की दमनकारी प्रकृति को प्रत्यक्ष रूप से झेला है। फेरर को बुनियादी स्वतंत्रता की मांग करने के कारण निर्वासन में जाने के लिए मजबूर किया गया था।"
ट्रंप ने की थी मानवीय सहायता की पेशकश
इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका क्यूबा की चल रही आर्थिक और बिजली संकट के बीच मानवीय आधार पर सहायता करना चाहता है। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने इस अटकलों को खारिज कर दिया कि क्षेत्र के पास विमानवाहक पोत यूएसएस निमित्ज की तैनाती का उद्देश्य क्यूबा सरकार को डराना था।
उन्होंने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। क्यूबा एक विफल देश है। हर कोई यह जानता है। उनके पास बिजली नहीं है, उनके पास पैसा नहीं है, उनके पास वास्तव में कुछ भी नहीं है। उनके पास भोजन नहीं है। और हम उनकी मदद करेंगे। मैं सबसे पहले, मानवीय आधार पर उनकी मदद करना चाहता हूं।"