अमेरिका की संघीय अपीलीय अदालत ने राष्ट्रपति जो बाइडन को बड़ा झटका दे दिया है। कोर्ट ने बाइडन की स्टूडेंट लोन माफी योजना पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार रिपब्लिकन पार्टी शासित छह राज्यों द्वारा दायर अपील पर आठवीं यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने यह आदेश दिया। अपील अदालत ने याचिकाओं का जवाब देने के लिए बाइडन प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है। इसके बाद राज्य मंगलवार तक उसका जवाब दाखिल कर सकेंगे। सीएनएन के अनुसार इससे पहले निचली कोर्ट ने सितंबर में इन राज्यों से कहा था कि स्टूडेंट कर्ज माफी कार्यक्रम को रोकने के लिए दायर उनकी याचिका में दखल का अधिकार नहीं है।
कर्जमाफी के आवेदन पर रोक नहीं : व्हाइट हाउस
संघीय कोर्ट के आदेश के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केरिन जीन पियरे ने कहा कि अस्थाई रोक के कारण कर्जमाफी के लिए वेबसाइट पर आवेदन की प्रक्रिया बाधित नहीं होगी। विद्यार्थी स्टूडेंट लोन माफी के लिए आवेदन दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी शिक्षा विभाग के पास करीब 2.20 करोड़ अमेरिकियों के शिक्षा कर्ज की जानकारी है। हम कर्जमाफी के पात्र कर्जदारों से अनुरोध करते हैं कि वे आवेदन दें। कोर्ट की रोक से आवेदनों की जांच और माफी के लिए कर्जदाताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सिर्फ कर्जमाफी की अंतिम प्रक्रिया पर रोक रहेगी।
बाइडन प्रशासन नौकरीपेशा परिवारों को राहत प्रदान करने के खिलाफ केस दायर करने वाले रिपब्लिकन शासित राज्यों के अधिकारियों से कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। राष्ट्रपति बाइडन ने शिक्षा ऋण माफी की अगस्त में घोषणा की थी।