अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एक्स ने सामग्री के बारे में जानने के बावजूद उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाने में नौ दिन का समय ले लिया और इस दौरान 1,67,000 बार से ज्यादा इन वीडियो को देखा गया।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने बाल शोषण के मामले में एलन मस्क की कंपनी एक्स के खिलाफ मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया है। इससे मस्क की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि अदालत ने माना कि एक्स इस मामले में व्यापक छूट की हकदार है लेकिन अदालत ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने बच्चों की आपत्तिजनक वीडियो को हटाने में लापरवाही बरती।
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मस्क के एक्स खरीदने से पहले का मामला
सैन फ्रांसिस्को स्थित 9वीं अमेरिकी सर्किट अपीलीय अदालत ने कहा कि X, जो पहले ट्विटर था, पर यह आरोप है कि उसने दो नाबालिग लड़कों की अश्लील तस्वीरों वाले वीडियो की तुरंत नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) को रिपोर्ट नहीं दी और इस मामले में लापरवाही बरती। यह मामला एलन मस्क द्वारा 2022 में ट्विटर की खरीदने से पहले का है। एक ट्रायल जज ने दिसंबर 2023 में इस मामले को खारिज कर दिया था। हालांकि अब अपीलीय अदालत ने मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला
एक वादी ने बताया कि वह जब 13 साल का था, तब उसे और उसके एक दोस्त को स्नैपचैट पर बहकाया गया और उन्होंने अपनी नग्न तस्वीरें किसी ऐसे व्यक्ति को उपलब्ध कराईं जो बाल यौन शोषण का तस्कर था। दोनों ने उस तस्कर को सोशल मीडिया पर अपने स्कूल की 16 साल की लड़की समझा था। आरोपी ने नाबालिगों की नग्न तस्वीरों के आधार पर दोनों को ब्लैकमेल किया और दोनों पीड़ितों से और तस्वीरें मांगी। बाद में आरोपी ने उन तस्वीरों के संकलन को एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एक्स ने सामग्री के बारे में जानने के बावजूद उन्हें प्लेटफॉर्म से हटाने में नौ दिन का समय ले लिया और इस दौरान 1,67,000 बार से ज्यादा इन वीडियो को देखा गया। सर्किट जज डेनिएल फॉरेस्ट ने कहा कि संघीय संचार शालीनता अधिनियम की धारा 230, जो ऑनलाइन प्लेटफार्म को उपयोगकर्ता सामग्री के संबंध में उत्तरदायित्व से बचाती है, लेकिन अश्लील सामग्री के बारे में पता चलने के बाद एक्स को लापरवाही के आरोप में अदालती कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।