अमेरिका की संघीय अदालत ने व्हिसलब्लोअर चेल्सी मेनिंग की रिहाई के आदेश दिए हैं। अमेरिकी जेल में दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकीं चेल्सी पर विकीलीक्स को गोपनीय दस्तावेज लीक करने के आरोप हैं। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाना था लेकिन इससे ठीक पहले संघीय जज ने कहा कि अब उन्हें अदालत में पेश होने की कोई जरूरत नहीं है।
बता दें कि वर्ष 2013 में सैन्य अधिकारी चेल्सी को इराक व अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े सेना के खुफिया दस्तावेज विकीलीक्स को देने का दोषी ठहराया गया था। बीते साल विकीलीक्स की जांच से जुड़े एक मामले में अदालत में पेश होने से इनकार करने के बाद अदालत की अवमानना के आरोप में उन्हें 35 साल जेल की सजा सुनाई गई थी लेकिन उस वक्त के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनकी सजा माफ कर दी थी।
बाद में उन्हें जूलियन असांजे के बारे में जानकारी देने के लिए फिर से हिरासत में ले लिया गया। लेकिन अब जज एंथनी त्रेंगा ने अपने आदेश में लिखा कि चेल्सी मेनिंग को अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं है और अब उनको हिरासत में भी नहीं रखा जाएगा।
चेल्सी सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी : वकील
अमेरिकी सैन्य अधिकारी और व्हिसलब्लोअर चेल्सी मेनिंग की वकील ने कहा, मैं पहले ही कह चुकी हूं कि वह अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करेंगी चाहे उन्हें जान क्यों न गंवानी पड़े। विकीलीक्स मामले में जानकारी न देने की वजह से उन्हें ग्रैंड जूरी के सामने पेश किया गया था।