अमेरिका की शीर्ष अदालत ने एच-4 वीजा से जुड़े मामले पर सुनवाई को मंजूरी दे दी है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन एच1-बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को काम का अधिकार देने वाले एच-4 वीजा नियमों में बदलाव करना चाहता है और इसे लेकर अधिसूचना जारी होनी है। अधिसूचना जारी होने में हो रही देरी के कारण इस मामले को लंबित श्रेणी से हटा दिया गया है।
कोलंबिया डिस्ट्रिक की अपीलीय अदालत ने 17 दिसंबर को अपने आदेश में मामले को लंबित श्रेणी से हटा दिया और इसकी मौखिक सुनवाई को मंजूरी दी। अब इस मामले पर तीन सदस्यों वाली पीठ सुनवाई करेगी, जिसमें एक न्यायाधीश भारतीय मूल के अमेरिकी श्री श्रीनिवासन भी शामिल हैं। गौरतलब है कि एच1-बी वीजा विदेशियों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है, जिसमें से ज्यादातर भारतीय हैं।
2015 में ओबामा सरकार ने एच1-बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों को अमेरिका में काम करने के लिए एच-4 वीजा जारी करने को मंजूरी दी थी। ओबामा सरकार के फैसले को अमेरिका की स्थानीय अदालत ने बरकरार रखा था, जिसके बाद ‘सेव जॉब्स यूएसए’ नामक संगठन ने इसे अपीलीय अदालत में चुनौती दी थी।
ट्रंप प्रशासन की वजह से लंबित था मामला
अपीलीय अदालत ने मामले को इसलिए लंबित रखा था क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने तीन बार कोर्ट को सूचित किया था कि ओबामा प्रशासन के दौरान लिए गए इस फैसले को वापस लिया जाएगा और जल्द ही इसके बारे में आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। सितंबर में ‘सेव जॉब्स यूएसए’ ने कोर्ट से मुकदमे को लंबित श्रेणी से हटाने और आगे की कार्यवाही करने का अनुरोध किया था।