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भारत की मतदाता सूची पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी: 13 करोड़ नाम हटने पर जताई चिंता, एसआईआर पर क्यों उठे सवाल?

Thu, 15 Oct 2026 02:29 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, वॉशिंगटन

सार

भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करोड़ों नाम हटाए जाने का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। अमेरिकी सांसद प्रमीला जयपाल ने इस पर चिंता जताते हुए शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया।
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प्रमीला जयपाल, अमेरिकी सांसद - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा अब अमेरिका में भी उठा है। भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमीला जयपाल ने मसौदा मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। उन्होंने भारत में कथित तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रयासों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया। वॉशिंगटन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद जयपाल ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में अपनी प्रतिक्रिया दी। इस मुद्दे पर किसी अमेरिकी सांसद की ओर से यह पहली ऐसी टिप्पणी बताई गई है।

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भारत और अमेरिका की स्थिति की तुलना की
जयपाल ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर लगाए जा रहे उन आरोपों से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं, जिनमें मतदान के अधिकारों को कमजोर करने की बात कही जाती है।

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उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोकतंत्र की रक्षा करना जरूरी है। उनके मुताबिक, भारत और अमेरिका के नागरिकों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार मिलना चाहिए। जयपाल ने भारत में लोकतांत्रिक प्रयासों के खिलाफ कथित कदमों का विरोध कर रहे लोगों के प्रति समर्थन जताते हुए अहिंसक आंदोलनों को महत्वपूर्ण बताया।

चुनाव आयोग के आंकड़ों में कितने नाम हटे?
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से साझा आंकड़ों के मुताबिक, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के पहले और दूसरे चरण के दौरान मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए। वहीं, तीसरे चरण में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा सूचियां प्रकाशित होने के बाद हटाए गए नामों की संख्या 6.16 करोड़ बताई गई है।

इन आंकड़ों के आधार पर तीनों चरणों में कुल नाम हटाए जाने की संख्या करीब 13.36 करोड़ होती है। हालांकि, नाम हटाए जाने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और केवल इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी हटाए गए नाम पात्र मतदाताओं के थे।

नाम छूटने पर दोबारा शामिल कराने का विकल्प
निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत उसे शामिल कराने का अनुरोध कर सकता है। इसके बाद फॉर्म-6 के माध्यम से भी नाम जुड़वाने का विकल्प उपलब्ध है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का अवसर देना है।

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