13 अप्रैल को वैसाखी के त्योहार से पहले अमेरिकी सांसद टॉम सुओजी ने कहा कि सिख धर्म से हमें मानवाधिकारों का रक्षा करने की सीख मिलती है। उन्होंने कहा, सिख धर्म यह भी सिखाता है कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा होती है और वह सम्मान और करुणा का पात्र है।
न्यूयॉर्क के प्रभावशाली नेता टॉम सुओजी ने वैसाखी से पहले अमेरिकी संसद में कहा कि सिख धर्म सिखाता है कि सभी मनुष्य एक परिवार के रूप में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और और इसका निर्माता एक ही है जो सभी के अंदर रहता है। 325वें खालसा पंथ स्थापना दिवस के अवसर पर 13 अप्रैल को वैसाखी का त्योहार मनाया जाएगा।
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टॉम सुओजी ने कहा, गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में खालसा समुदाय की स्थापना की, जिसका एकमात्र उद्देश्य सभी व्यक्तियों की गरिमा को बनाए रखना और मानवाधिकारों की रक्षा करना है चाहे उनकी राष्ट्रीयता, जाति, धर्म या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो। उन्होंने अमेरिकी सदन में कहा, गुरु गोबिंद सिंह जी की विरासत ने स्वतंत्रता, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता सहित उन मूल्यों को महत्व दिया, आगे बढ़ाया जिन्हें हम अमेरिकी मानते हैं। उन्होंने कहा, सिख धर्म यह भी सिखाता है कि प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा होती है और वह सम्मान और करुणा का पात्र है।
लंदन में महाराजा रणजीति सिंह की विरासत पर प्रदर्शनी: पश्चिमोत्तर भारत में 19वीं सदी में सिख साम्राज्य की स्थापना करने वाले महाराजा रणजीत सिंह के जीवन और विरासत पर एक भव्य प्रदर्शनी लंदन के वालेस कलेक्शन संग्रहालय में आयोजित की गई है।
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मानवता से प्रेम व देखभाल जरूरी
कांग्रेस सदस्य सुओजी ने कहा, गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखाया कि अराधना का सर्वोच्च रूप मानवता से प्यार करना और उसकी देखभाल करना है। इसी कारण, खालसा समुदाय बिना किसी भेदभाव के भगवान की रचना की परवाह करता है। उन्होंने कहा, गुरु गोबिंद सिंह ने बहुलवाद और अंतरात्मा की स्वतंत्रता में अपने विश्वास की शिक्षा दी। गुरु गोबिंद सिंह ने न सिर्फ गुरुद्वारे बनवाए, बल्कि मंदिर-मस्जिद भी बनवाए।