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US: ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की तैयारी तेज, यूएस कांग्रेस में अहम बिल पेश; जानिए क्या है इस विधेयक में

Tue, 13 Jan 2026 09:21 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके लिए अमेरिकी संसद में अब एक विधेयक पेश किया गया है। जिसमें ग्रीनलैंड पर कब्जे को जरूरी बताया गया है। जब अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी तो अमेरिकी संसद को विश्वास में नहीं लिया गया था, जिसे लेकर ट्रंप सरकार की आलोचना हुई थी। अब लगता है कि अमेरिकी सरकार उस स्थिति से बचना चाहती है और पहले ही अमेरिकी संसद को सूचित किया जा रहा है। 
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की खुली धमकी दे चुके हैं। आए दिन अमेरिकी सरकार की तरफ से ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात की जा रही है। अब ऐसा लग रहा है कि अमेरिका ने अपनी योजना को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। दरअसल अमेरिकी संसद में एक अहम बिल पेश किया गया है, जिसमें ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे और उसे अमेरिकी राज्य का दर्जा देने की मांग की गई है। 
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अमेरिका के निचले सदन के सांसद रैंडी फाइन ने यह विधेयक पेश किया। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में फाइन ने बताया कि उन्होंने आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे और उसे राज्य बनाने संबंधी विधेयक पेश किया। यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसे लेकर सभी जरूरी कदम उठाने के लिए अधिकृत करेगा। 

क्या है इस विधेयक में?
  • अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन ने कहा कि अमेरिका के विरोधी आर्कटिक महासागर में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं और ग्रीनलैंड को हासिल कर प्रतिद्वंदी शक्तियों को इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने से रोका जा सकेगा। विधेयक में ग्रीनलैंड को अमेरिकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया गया है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा संपत्ति बताया।
  • विधेयक में चेतावनी दी गई है कि ग्रीनलैंड पर कब्जा प्रमुख आर्कटिक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा, अमेरिका की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। 
  • विधेयक में कहा गया है कि वर्षों की अमेरिका की कमजोर नीतियों के चलते आर्कटिक महासागर में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति कमजोर हो गई है, जबकि चीन और रूस ने लगातार अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है। 
  • यह विधेयक अमेरिका को डेनमार्क से ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत करने का अधिकार भी देता है।  
डेनमार्क की नाराजगी के बावजूद ग्रीनलैंड पर कब्जे पर अड़े ट्रंप
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ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और फिलहाल यह डेनमार्क का स्वशासित क्षेत्र है। डेनमार्क नाटो का सदस्य और अमेरिका का सहयोगी देश है। यही वजह है कि अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात के बाद से डेनमार्क नाराज है और उसने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर कब्जा किया तो नाटो टूट सकता है। हालांकि डेनमार्क की नाराजगी के बावजूद ट्रंप, ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात पर अड़े हैं, उनका कहना है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा नहीं करेगा तो फिर रूस और चीन इस पर कब्जा कर सकते हैं और अमेरिका ऐसा नहीं होने देना चाहता। 
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