अमेरिका में पारित विधेयक को लिखने वाले नागरिक अधिकारों के पैरोकार जॉन लेविस ने डॉ. किंग की भारत यात्रा की 50वीं वर्षगांठ पर भारत में एक प्रतिनिधिमंडल का 2009 में नेतृत्व किया था।
इस यात्रा से प्रेरित होकर उन्होंने संघर्ष के समाधान की कोशिशों और मौजूदा नीति में बदलावों के लिए गांधी और डॉ. किंग जूनियर के सिद्धांतों को लागू करने के मकसद से इस विधेयक को तैयार किया। उनका बीती 17 जुलाई को 80 साल की उम्र में निधन हो गया था।
अमेरिकी स्कूलों में पढ़ाए जाएंगे गांधी
इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब दोनों देशों की सरकार की ओर से राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में दोनों हस्तियों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसके बाद अब गांधी दर्शन के लिए स्कूलों में अध्ययन का रास्ता बन गया है। अब अमेरिका के बच्चे भी जान सकेंगे कि अहिंसा को अपनी नीतिगत बातें एवं सत्य बातें मनवाने के लिए एक अस्त्र के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।