जब कराची की सड़क पर पत्रकार की नृशंस हत्या हुई
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा' पर अमेरिकी कांग्रेस की ब्रीफिंग में वॉल स्ट्रीट जर्नल की पूर्व रिपोर्टर असरा नोमानी ने भी अपना डरावना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, "मैंने कराची, पाकिस्तान की सड़कों पर सांप्रदायिकता का वीभत्स तांडव देखा है। मेरे मित्र पत्रकार और सहकर्मी, डैनियल पर्ल का 2002 में अपहरण हुआ था। उसके बाद उनका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। पाकिस्तान में बहुत से अल्पसंख्यकों को समान नागरिक होने के अधिकार हासिल नहीं है। सबको एक जैसी स्वतंत्रता नहीं दी जाती। बहुसंख्यक समाज की तरफ से अल्पसंख्यकों पर अपना दबदबा कायम रखने का प्रयास होता है।
विशेष रूप से पाकिस्तान में महिलाओं की दुर्दशा पर बात करने का प्रयास
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक के रूप में अनुभव साझा करते हुए शिया मुस्लिम महिला जेबा मोहम्मद ने बताया, 'हम सब अमेरिका में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ बोलने के लिए एकजुट हुए हैं। वहां की सरकार अल्पसंख्यक समाज पर दबाव डाल रही है, साथ ही उन लोगों के खिलाफ भी हम आवाज बुलंद कर रहे हैं, जिनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं है। विशेष रूप से हम उन महिलाओं के बारे में बात कर रहे हैं जो पाकिस्तान में पीड़ित हैं। पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो अल्पसंख्यक धर्म के खिलाफ महिलाओं पर दबाव डाल रहा है। हम दुर्दशा को उजागर करने के साथ-साथ उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
हिंदू एक्शन... विदेश विभाग से पाकिस्तान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग
'पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा' पर अमेरिकी कांग्रेस में हुई ब्रीफिंग के बारे में मिशिगन से कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार ने कहा, 'हिंदू एक्शन यह सम्मेलन कर रहा है...और मैं यहां हिंदुओं और मानवाधिकार पाने के उनके संघर्ष का समर्थन करने आया हूं।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए संघर्ष किए जा रहे हैं। बकौल थानेदार, पाकिस्तान में कई लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। हिंदू लोगों का अपहरण हो रहा है। कार्यक्रम में शरीक होने के मकसद पर थानेदार ने कहा, 'मैं यहां यह मांग करने आया हूं कि विदेश विभाग पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करे। आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाए जब तक कि अत्याचार होना बंद न हो जाएं।