फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मूलर रिपोर्ट: अटॉर्नी जनरल बार के फैसले के इंतजार में अमेरिकी कांग्रेस

Sun, 24 Mar 2019 07:49 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
रॉबर्ट मूलर - फोटो : social media
विज्ञापन

अमेरिका के विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर ने शुक्रवार को वो जांच रिपोर्ट अटॉर्नी जनरल विलियम बार को सौंप दी है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। ये रिपोर्ट साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप और ट्रंप के प्रचार अभियान में उसकी मिलीभगत के आरोपों की करीब दो साल की जांच पर आधारित है। 

विज्ञापन


इस जांच के दौरान मूलर और उनकी टीम ने 34 लोगों पर आरोप लगाए हैं। इनमें से छह लोग ट्रंप के सहयोगी हैं। वहीं दर्जनों रूसी लोग हैं। इसमें तीन कंपनियां भी शामिल हैं। लेकिन सभी आरोप अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव और उसमें रूसी हस्तक्षेप से सीधे जुड़े हुए नहीं हैं। वहीं इन आरोपों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी खारिज कर चुके हैं।

इसमें उस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या ट्रंप ने राष्ट्रपति अभियान और उसमें रूसी हस्तक्षेप पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी की जांच में न्याय संबंधी बाधा उत्पन्न की थी। अभी नहीं पता चल पाया है कि रिपोर्ट जनता के लिए कितनी अधिक उपलब्ध है। अब बार ये फैसला लेंगे कि रिपोर्ट में बताई गई कितनी जानकारी कांग्रेस तक पहुंचानी है।
विज्ञापन


ट्रंप द्वारा नियुक्त किए गए बार ने कांग्रेस के नेताओं से कहा है कि वह पारदर्शिता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक बार ने शनिवार को न्याय विभाग में करीब 9 घंटे बिताए। राष्ट्रपति ट्रंप भी गोल्फ खेलने के लिए अपने फ्लोरिडा रिजॉर्ट गए थे। यहां उन्होंने रैप रॉक आर्टिस्ट किड रॉक के साथ लंच किया। वह सोशल मीडिया पर भी इस वक्त शांत हैं। उन्होंने मूलर की रिपोर्ट से संबंधित एक भी पोस्ट अब तक ट्विटर पर नहीं की है।

इससे पहले ट्रंप इस जांच को गलत बता चुके हैं। ये मूलर द्वारा की गई जांच की आखिरी रिपोर्ट है। लेकिन अब इसके जारी होने के बाद ही कई बड़े खुलासे हो पाएंगे। जिनपर विवाद होने की संभावना है। अब इस मामले में आगे क्या होगा ये ट्रंप के अटॉर्नी जरनल, कांग्रेस और फेडेरल अदालत तय करेंगी। मूलर इस मामले में साल 2017 से जांच कर रहे हैं।  

हालांकि ट्रंप इन आरोपों से हमेशा से ही इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में कोई रूसी हस्तक्षेप नहीं था। वहीं दूसरी तरफ रूस भी चुनावों में मध्यस्थता के आरोपों को खारिज कर चुका है। 

बार का कहना है कि 'रिपोर्ट को आने दो और लोगों को देखने दो।' इसी हफ्ते ट्रंप भी कह चुके हैं कि अगर जनता को रिपोर्ट देखने की अनुमति दी जाती है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।

ट्रंप प्रशासन को अभी तक रिपोर्ट की कोई कॉपी नहीं मिली है। ट्रंप के निजी वकील का कहना है कि ट्रंप अभी देख रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं। अभी तक सबने इंतजार किया है तो आगे भी करेंगे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें