अमेरिकी सीनेट ने यूक्रेन, इस्राइल के लिए 95.3 अरब डॉलर का सहायता पैकेज देने तथा ताइवान और हिंद-प्रशांत में अमेरिका एवं उसके सहयोगियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारी मतदान किया। सीनेट ने मंगलवार रात को इसे अंतिम मंजूरी दी और विधेयक को 79-18 के द्विदलीय वोट के साथ पारित कर दिया। इस मदद की यूक्रेन, इस्राइल व ताइवान ने काफी तारीफ की है।
सीनेट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक पर महीनों की अनिश्चितता और देरी समाप्त हो गई। राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस पर मुहर लगा दी है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह कीव की मदद करना जारी रखेगा। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, यह बिल पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बनाना बेहद जरूरी था। इसी के साथ इस सप्ताह यूक्रेन को हथियार और उपकरण भेजना शुरू किया जा सकेगा। इस्राइल ने भी हाल में ईरान से अभूतपूर्व हमलों का सामना किया। गाजा, सूडान और हैती सहित दुनिया भर में संघर्षों व प्राकृतिक आपदाग्रस्त देशों को मदद की जरूरत है। हिंद-प्रशांत में भी सुरक्षा-स्थिरता चाहने वाले भागीदारों के लिए मदद जरूरी है। इसे लेकर ताइवान और इस्राइल ने अमेरिका का आभार जताया है।
मदद के चार हिस्से
इस विधेयक में मदद के चार भाग हैं। पहला, 60.8 अरब डॉलर का यूक्रेन के लिए, दूसरा इस्राइल और मानवीय राहत के लिए 26.4 अरब डॉलर की मदद, तीसरा ताइवान और अन्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के लिए 8.1 अरब डॉलर का पैकेज और चौथा इससे निपटने वाला एक अन्य बिल है।
यूक्रेन को मिला सबसे बड़ा पैकेज
इन पैकेजों में सबसे बड़ा हिस्सा 61 अरब डॉलर की सहायता यूक्रेन को प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 26 अरब डॉलर इस्राइल और दुनिया भर के संघर्ष क्षेत्रों में नागरिकों के लिए मानवीय सहायता एवं तीसरा हिस्सा 8.12 अरब कम्युनिस्ट चीन का मुकाबला करने के लिए रखा गया है। चौथे विधेयक को सदन में पिछले हफ्ते जोड़ा गया था। इसमें चीनी नियंत्रित सोशल मीडिया एप टिकटॉक पर प्रतिबंध, जब्त की गई रूसी संपत्तियों को यूक्रेन में स्थानांनतरित करने के उपाय और ईरान पर नए प्रतिबंध शामिल हैं
चीन बौखलाया : कहा-ताइवान खतरनाक स्थिति में आएगा, गलत संदेश जा रहा है
अमेरिका में पारित विधेयक पर चीन ने बौखलाहट दिखाई है। उसने ताइवान को अमेरिकी सैन्य सहायता के नवीनतम पैकेज की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की फंडिंग स्वशासित द्वीप गणराज्य को ‘खतरनाक स्थिति’ में धकेल रही है। ताइवानी मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता झू फेंग्लियान ने कहा, यह सहायता चीन के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धताओं का ‘गंभीर उल्लंघन’ करती है। उन्होंने कहा, इससे अलगाववादी ताकतों को गलत संदेश जा रहा है। वह बाहरी ताकतों का मोहरा बनने को तैयार है। इससे ताइवान खतरनाक स्थिति में आ जाएगा।
अमेरिका में छात्रों का प्रदर्शन
अमेरिका के अनेक हिस्सों में छात्र इस्राइल-हमास के बीच जारी युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर कोलंबिया, न्यूयॉर्क और कनेक्टिकट में सैकड़ों छात्रों के गिरफ्तार भी किया गया। तनाव बढ़ने पर विवि ने ऑनलाइन क्लास का फैसला किया है।
यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेगा अमेरिका: अधिकारी
अमेरिका के डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन नेताओं ने बताया कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विदेशी विरोधियों को यह चेतावनी दे दी है कि अमेरिका यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेगा। बताया गया कि नवंबर में चुनाव होने तक यूक्रेन को सहायता पैकेज की मंजूरी दी जा सकती है। बता दें कि यह राहत पैकेज अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने पेश किया था। इसके तहत यूक्रेन और इस्राइल के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी सहायता राशि भेजने का प्रस्ताव है।