हाल ही में चीन ने बीबीसी वर्ल्ड न्यूज पर नियमों का उल्लंघन करने का हवाला देते हुए अपने यहां चैनल के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में यूरोपीय संघ (ईयू) ने शनिवार को चीन से अपना फैसला बदलने की अपील की है। बता दें यूरोपीय संघ ने चीन से अपील में कहा है कि बीबीसी वर्ल्ड न्यूज टेलीविजन चैनल पर लगाए गए प्रतिबंध को वह वापस ले।
जानकारों का कहना है कि चीन ने यह प्रतिबंध ब्रिटेन द्वारा चीन के सरकारी प्रसारक सीजीटीएन का लाइसेंस रद्द करने के जवाब में लगाया है। ऐसे में ईयू ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि बीजिंग की पहल से ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और इसकी सीमाओं में सूचनाओं की पहुंच’ बाधित होती है और यह चीन के संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
बयान में यह भी कहा गया कि हांगकांग की यह घोषणा कि उसका सरकारी प्रसारक भी बीबीसी के प्रसारण पर रोक लगाएगा, चीन के अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र में पिछले वर्ष नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद से उसके ‘अधिकारों एवं स्वतंत्रता का हनन’है।
दरअसल, चीन ने बीबीसी वर्ल्ड न्यूज पर नियमों का उल्लंघन करने का हवाला देकर अपने यहां प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया। चीन के इस फैसले पर अमेरिका ने कड़ा विरोध जताया है। अमेरिका का कहना है कि हम बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ पर प्रतिबंध लगाने के पीआरसी के फैसले की पूरी तरह से निंदा करते हैं।
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि हम बीबीसी वर्ल्ड न्यूज पर प्रतिबंध लगाने के पीआरसी के फैसले की पूरी तरह से निंदा करते हैं। नेड प्राइस ने कहा कि पीआरसी दुनिया में सबसे अधिक नियंत्रित, सबसे दमनकारी, कम से कम मुक्त सूचना स्थानों में से एक को बनाए रखता है। यह काफी परेशान करने वाला है कि पीआरसी चीन में स्वतंत्र रूप से संचालित आउटलेट्स और प्लेटफार्मों को प्रतिबंधित कर रहा है।
चीन की सरकार ने देश में बीबीसी के प्रसारण पर रोक लगा दी है। हाल ही में ब्रिटेन ने चीनी सरकारी चैनल सीटीजीएन का लाइसेंस रद्द कर दिया था और चीन ने एक सप्ताह पहले इसका जवाब देने की धमकी दी थी। बीजिंग के राष्ट्रीय रेडियो और टेलीविजन प्रशासन ने देर रात दिए एक वक्तव्य में कहा कि चीन में बीबीसी वर्ल्ड न्यूज ने नियमों का उल्लंघन किया है और देश के हितों को नजरअंदाज किया है। चीन में पहले ही कुछ होटलों, प्रतिष्ठानों और विदेशियों के लिए निर्मित आवासीय परिसरों के बाहर बीबीसी नहीं देखा जा सकता था। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतिबंध से इन जगहों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
बताया जा रहा कि चीन ने इसे बदले की भावना से किया है। दरअसल, हाल ही में ब्रिटेन ने चीनी सरकारी चैनल सीटीजीएन का लाइसेंस रद्द कर दिया था और चीन ने एक सप्ताह पहले इसका जवाब देने की धमकी दी थी। वहीं अब चीन ने कोरोना के मुद्दे पर रिपोर्टिंग को गलत ठहरा कर बीबीसी को देश में प्रतिबंधित कर दिया है।