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पड़ोसियों को डराने-धमकाने की कोशिश न करे चीन : अमेरिका

Wed, 03 Feb 2021 01:46 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • व्हाइट हाउस ने कहा, भारत-चीन सीमा पर करीबी नजर, दोस्तों का साथ देंगे
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत-चीन के बीच सीमा पर जारी गतिरोध को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया में बाइडन प्रशासन ने बीजिंग को लेकर चिंता जताई है। अमेरिका ने कहा है कि अपने पड़ोसियों को डराने-धमकाने की चीन की लगातार जारी कोशिशों से अमेरिका चिंतित है और भारत-चीन सीमा पर उसने करीबी नजर बनाकर रखी हुई है।

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बाइडन प्रशासन के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि, सुरक्षा एवं मूल्यों को आगे ले जाने के लिए अपने दोस्तों, साझेदारों और सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की प्रवक्ता एमिली जे. होर्न ने कहा, हमने हालात पर करीब से नजर बना रखी है। भारत व चीन की सरकारों के बीच चल रही वार्ता की हमें जानकारी है और हम सीमा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सीधी वार्ता का समर्थन करना जारी रखेंगे। होर्न भारतीय इलाकों में घुसपैठ कर उन पर कब्जा जमाने की हालिया कोशिशों से संबंधित सवालों के जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा, बीजिंग के पड़ोसियों को डराने धमकाने के निरंतर प्रयासों से अमेरिका चिंतित है। उन्होंने कहा, भारत-चीन के बीच सीमा पर हुई झड़पों के संबंध में यह नए बाइडन प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया है।

भारत से रक्षा संबंधों को और गहरा करेंगे
शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि जो बाइडन का प्रशासन भारत के साथ रक्षा संबंधों और सहयोग को और गहरा करना जारी रखेगा। अमेरिकी वायुसेना में अंतरराष्ट्रीय मामलों की अवर सचिव केली एल. सिबोल्ट ने सामान्य हितों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका के लिए भारत एक प्रमुख रक्षा साझेदार के रूप में मील का पत्थर है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को सबसे अहम दोस्त बताया।
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चीन बौखलाया, अंदरूनी मामलों में दखल न दे अमेरिका
चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जिची ने मंगलवार को वाशिंगटन और बीजिंग के बीच रिश्तों को बहाल करने की सिफारिश करते हुए बीजिंग के आंतरिक मामलों में वाशिंगटन के दखल पर एतराज जताया है। उन्होंने दोनों देशों में तनाव खत्म करने और रचनात्मक वार्ता पर जोर देते हुए बौखलाहट निकाली कि अमेरिका को चीन के अंदरूनी मामलों में दखल देने से बचना चाहिए। इस क्रम में उन्होंने हांगकांग और तिब्बत का नाम लिया। चीन में विदेशी मामलों के आयोग के निदेशक यांग जिची का बयान बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार दोनों देशों के तल्ख रिश्तों पर आया है। 
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