न्यूजर्सी में कर्मचारियों की भर्ती करने वाली एक कंपनी ने एच-1बी वीजा पर पर अमेरिका में लाए गए कामगारों के निरंतर रोजगार और पारिश्रमिक जरूरतों के संबंध में आरोपों को निपटाने के लिए 3.45 लाख डॉलर देने पर सहमति जताई है। कंपनी पर आव्रजन और रोजगार नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं।
एच-1बी वीजा गैर-आव्रजक वीजा है, जिसके जरिये अमेरिकी कंपनियां विशेषज्ञता वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति कर सकती हैं। भारतीय आईटी पेशवरों में यह वीजा काफी लोकप्रिय है। अमेरिका में आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की आंतरिक सुरक्षा जांच (एचएसआई), श्रम विभाग और न्यूजर्सी जिले के अटॉर्नी ने सेवंटीज सोल्यूशन कंपनी को एच-1बी संबंधी उल्लंघनों के संबंध में लगाए गए आरोपों के समाधान के लिए 3.45 लाख डॉलर के भुगतान का आदेश दिया था।
पहले कंपनी का नाम वैदिकसॉफ्ट था जिसकी भारत में भी मौजूदगी है। कंपनी एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी में विदेश नागरिकों को नियुक्ति दिलाने के साथ ही परामर्श, प्रौद्योगिकी और कर्मचारी मुहैया कराने जैसे कार्यों में शामिल है।
कई अनियमितताओं में शामिल रही सेवंटीज सोल्यूशन
अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग के मुताबिक, जांच में पाया गया कि जनवरी 2014 से जून 2018 तक सेवंटीज सोल्यूशन के कई एच-1बी वीजाधारक कर्मचारियों को नियमित अंतराल पर जरूरी वेतन का भुगतान नहीं किया गया। बयान में कहा गया कि इसके अलावा भी यह कंपनी कई अनियमितताओं में शामिल पाई गई।