अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर एक डील हो गई है। यह समझौता लंदन में दो दिनों तक चली गहन बातचीत के बाद हुआ है, जिसे अब केवल ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा - 'हमारा चीन के साथ सौदा हो गया है, जो शी और मेरी अंतिम मंजूरी के अधीन है। चीन की ओर से सभी जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) पहले से ही सप्लाई किए जाएंगे। इसी तरह, अमेरिका चीन को वह सब कुछ देगा, जो तय हुआ है – जिसमें चीनी छात्रों को हमारे कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में पढ़ने की इजाजत देना भी शामिल है (जो मुझे हमेशा ठीक लगा है)। रिश्ता शानदार है! धन्यवाद!'
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समझौते की खास बातें?
चीन अमेरिका को जरूरी रेयर अर्थ मिनरल्स देगा, जो टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी होते हैं। अमेरिका चीनी छात्रों को देगा उच्च शिक्षा की इजाजत, जिससे हजारों छात्र फिर से अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकेंगे। अमेरिका लगाएगा 55% टैरिफ (आयात शुल्क), जबकि चीन लगाएगा केवल 10% टैरिफ, यानी अमेरिका को व्यापारिक लाभ मिलने की बात ट्रंप ने कही है।
लंदन में हुई बातचीत
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और चीन के अधिकारियों के बीच लंदन में दो दिनों तक व्यापार पर चर्चा हुई थी, जिसके बाद एक ढांचे पर सहमति बनी। हालांकि इस समझौते की पूरी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। इससे पहले जिनेवा में हुई बातचीत के दौरान दोनों देशों ने 90 दिनों के लिए टैरिफ पर रोक लगाने की घोषणा की थी।
ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच फोन पर चर्चा
अल जजीरा के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 90 मिनट लंबी फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें व्यापार और आपसी संबंधों पर चर्चा हुई थी। चीन के उप वाणिज्य मंत्री ली चेंगगैंग ने लंदन की बातचीत को 'पेशेवर, समझदारी भरी और गहन' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अपने-अपने नेताओं को इस समझौते की जानकारी देंगे और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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पहले क्या था विवाद?
कुछ हफ्तों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि अमेरिका अब उन चीनी छात्रों के वीजा रद्द करेगा, जिनका संबंध चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से होगा या जो संवेदनशील क्षेत्रों की पढ़ाई कर रहे होंगे।