अमेरिकी धरती पर खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने के आरोप में न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की जिला अदालत में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। हालांकि, अमेरिका के सरकारी वकीलों द्वारा दायर किए गए अभियोग में पन्नू के नाम के बजाय भारतीय मूल के एक अमेरिकी नागरिक का जिक्र है। पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों दोनों की नागरिकता है।
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी मैथ्यू जी ऑलसेन के मुताबिक भारतीय नागरिक 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर हत्या के लिए किराये पर हमलावर तय करने और पैसे लेकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। दोनों ही मामलों में अधिकतम 10-10 साल कैद की सजा का प्रावधान है।
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि गुप्ता ने न्यूयॉर्क में रह रहे एक अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए एक लाख डॉलर में हत्यारा तय किया था। 19 जून 2023 को या उसके आसपास गुप्ता ने अपने एक सहयोगी की मदद से एक व्यक्ति का इंतजाम किया। इसने बतौर एडवांस हमलावर को 15 हजार डॉलर नकद पहुंचाए थे। अभियोग में पन्नू का नाम नहीं है, लेकिन फाइनेंशियल टाइम्स ने अज्ञात स्रोतों का हवाला देते हुए पिछले हफ्ते रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी अधिकारियों ने प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश को विफल किया था। इस मामले में भारत सरकार से अपनी चिंताएं साझा की थीं।
न्यूयॉर्क दक्षिणी जिले के अटॉर्नी डेमियन विलियम्स ने कहा कि आरोप है कि प्रतिवादी ने न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले भारतीय मूल के एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रची। इस अमेरिकी नागरिक ने भारत में एक जातीय धार्मिक अल्पसंख्यक समूह, सिखों के लिए एक संप्रभु राज्य की स्थापना की वकालत की है। अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि मई 2023 में एक व्यक्ति ने निखिल गुप्ता को अमेरिका में उक्त भारतवंशी अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का काम सौंपा था। चेक अधिकारियों ने अमेरिका और चेक गणराज्य के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत 30 जून 2023 को निखिल गुप्ता को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गुप्ता को अमेरिका में कब प्रत्यर्पित किया जाएगा।
आतंकी पन्नू मामले की जांच के लिए भारत ने बनाई उच्चस्तरीय कमेटी
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की साजिश पर अमेरिका की चिंता के मद्देनजर भारत ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक, भारत इस संदर्भ में कमेटी के निष्कर्षों के आधार पर जरूरी कार्रवाई करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग पर हालिया चर्चा के दौरान अमेरिका ने संगठित अपराधियों, बंदूक चलाने वालों, आतंकवादियों और अन्य लोगों के बीच सांठगांठ से जुड़े खुफिया इनपुट साझा किए थे। भारत इसे गंभीरता से लेता है। हालांकि, अमेरिका ने इस मामले में अब तक एक बार भी सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। भारत ने भी आतंकी पन्नू की कथित हत्या की साजिश मामले में अमेरिका से मिली चेतावनी की पुष्टि नहीं की है।
जानें क्या है मामला
ब्रिटेन के एक दैनिक अखबार ने एक रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू की हत्या को साजिश को नाकाम किया था। अखबार के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने इस साजिश में शामिल होने का आरोप भारत पर लगाया। इसके साथ ही भारत के लिए चेतावनी भी जारी की। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि यह मामला कब का है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने भारत को राजनयिक चेतावनी दी थी।