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कैपिटल इमारत हिंसा: सांसदों ने कहा- ट्रंप को हटाएं, अमेरिकी लोकतंत्र को ठेस पहुंची

Fri, 08 Jan 2021 04:02 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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अमेरिका के वाशिंगटन में हुई शर्मसार करने वाली घटना को लेकर देश के कई सांसदों ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तत्काल पद से हटाने की मांग की। सांसदों का आरोप रहा कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को भड़काया जिसके बाद उनके समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और हंगामा किया और इससे अमेरिकी लोकतंत्र को ठेस पहुंची।

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कांग्रेस सदस्य स्टीवन होर्सफोर्ड ने कहा, कांग्रेस के निर्वाचित सदस्य के तौर पर यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इलेक्टोरल कॉलेज के प्रमाणीकरण को दर्ज करें। आज राष्ट्रपति ट्रंप ने लोकतंत्र को बाधित किया है। उन्होंने कहा, 1812 के युद्ध के बाद पहली बार अमेरिकी कैपिटल हिल में सेंधमारी हुई है।


कांग्रेस सदस्य अर्ल ब्लूमेनॉयर ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की। उन्होंने उपराष्ट्रपति माइक पेंस व अमेरिकी कैबिनेट से राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन का इस्तेमाल करने की मांग भी की। उन्होंने ट्रंप को तत्काल हटाने की मांग की। कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर ने कहा, सभी नेताओं को इस तख्तापलट की निंदा करना चाहिए और राष्ट्रपति पर महाभियोग लगना चाहिए। इन सांसदों के अलावा अयान्न प्रिस्ले, जिम्मी गोम्स, कैथे मैनिंग, एंथनी ब्राउन ने भी राष्ट्रपति को शीघ्र पद से हटाने की मांग की है।
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...तो पेंस बन सकते हैं कार्यवाहक राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ट्रंप के व्यवहार से विपक्षी डेमोक्रेट ही नहीं उनकी रिपब्लिकन पार्टी और सरकार के साथी भी असंतुष्ट हैं। सूत्रों के अनुसार उनके कुछ कैबिनेट सहयोगियों ने आर्टिकल 25 लागू करने पर चर्चा की। इसके तहत कैबिनेट बहुमत से ट्रंप को कार्य करने में अक्षम ठहराते हुए राष्ट्रपति पद के अयोग्य करार दे सकती है। ऐसे में उपराष्ट्रपति माइक पेंस कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाएंगे। हालांकि एक अन्य सूत्र ने कहा, ट्रंप 15 दिन से कम पद पर रहेंगे। ऐसे में इस कार्रवाई का तुक नहीं बनता।

डेमोक्रेट सांसदों ने भी पेंस से ट्रंप को सत्ता से हटाने की मांग की है। डेविड सिसीलीन हाउस ज्यूडीशियरी कमेटी और पेंस को लिखे पत्र में आर्टिकल 25 का इस्तेमाल कर ट्रंप को अपदस्थ करने की मांग की है। उन्होंने कहा, जब आप (पेंस) संसद सत्र की अध्यक्षता कर रहे थे तभी ट्रंप समर्थकों ने विद्रोह की कोशिश की और बाइडन की जीत रोकने के लिए संसद तक घुस गए। इसके लिए ट्रंप ने ही उन्हें उकसाया था। ट्रंप के वीडियो संबोधन से साफ है कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और वो अपनी हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

शीर्ष रिपब्लिकन नेताओं ने की आलोचना
पुलिस ने भारतीय समयानुसार बृहस्पतिवार की सुबह कैपिटल हिल इमारत को सुरक्षित घोषित किया और इसके बाद सांसदों ने दोबारा चुनाव प्रमाणन प्रक्रिया शुरू की। सत्र की अध्यक्षता कर रहे उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा, आज जिन्होंने यहां उत्पात मचाया है, वे जीते नहीं हैं। सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककॉनेल ने हमले को असफल विद्रोह कहा और वादा किया कि ‘हम अराजकता या अपमान के आगे नहीं झुकेंगे।’ रिपब्लिकन सीनेटर केली लोफलर ने कहा कि उन्होंने बाइडन को प्रमाणपत्र दिए जाने पर आपत्ति जताने की तैयारी की थी, लेकिन दोपहर में हुई घटना के बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया है।

ट्रंप प्रशासन में शुरू हुआ इस्तीफों का दौर
अमेरिकी राजधानी में ट्रंप समर्थकों की हिंसा के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार मैट पोटिंगर, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टेफानी ग्रीशम, व्हाइट हाउस की प्रेस उप सचिव सारा मैथ्यूज ने इस्तीफा दे दिया। मैथ्यूज ने इस्तीफे के बाद कहा, संसद में काम करने वाले कर्मी के रूप में मैंने आज जो देखा, उससे बेहद दुखी हूं। मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रही हूं। हमारे देश को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण की जरूरत है। ग्रीशम ने कहा, व्हाइट हाउस में सेवा देना उनके लिए सम्मानजनक रहा। ‘एबीसी’ न्यूज की खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस की सामाजिक सचिव रिकी निसेटा ने भी ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया है।

दबाव के बीच खुलकर बोले पेंस, हिंसा की जीत नहीं होती
अमेरिकी उपराष्ट्रपति और कांग्रेस की अध्यक्षता कर रहे माइक पेंस पर राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से बाइडन की जीत को पलटने का काफी दबाव था। इसके बावजूद उन्होंने ट्रंप समर्थकों की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि हिंसा की कभी जीत नहीं होती, हमेशा आजादी की जीत होती है।

हिंसा के बाद कांग्रेस के नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मुहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए एक बार फिर एकत्रित होने पर पेंस ने यह बयान दिया। संयुक्त सत्र शुरू होने के बाद उन्होंने कहा, हम यहां हुई हिंसा की कठोरतम शब्दों में निंदा करते हैं। इस ऐतिहासिक स्थान की रक्षा करने के लिए डटे रहे सभी पुरुषों और महिलाओं के हम हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा, कैपिटल में हंगामा करने वालों, तुम जीते नहीं हो, क्योंकि हिंसा कभी नहीं जीतती। इससे पहले, पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप की अवहेलना करते हुए कहा था कि उन्हें निर्वाचक मंडल के मतों को खारिज करने की एकतरफा शक्ति प्राप्त नहीं है।

वाशिंगटन के फसाद पर फूटा बाइडन का गुस्सा
अमेरिका में हुई हिंसा पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विलमिंग्टन में बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र अप्रत्याशित रूप से खतरे में है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील कर रहा हूं कि वे अपनी शपथ का पालन करते हुए संविधान की रक्षा करें और कैपिटल को कब्जे से मुक्त कराएं। उन्होंने कहा, कैपिटल में घुसकर खिड़कियां तोड़ना, फ्लोर पर कब्जा कर लेना और उथल-पुथल मचाना विरोध नहीं फसाद है।

हिंसा को झूठ बोलने वाले राष्ट्रपति ने भड़काया : ओबामा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए इस हिंसा को बेहद अपमान और शर्मिंदगी का पल बताया है। उन्होंने कहा, इतिहास कैपिटल में हुई हिंसा की घटना को याद रखेगा, जिसे वैध चुनावी नतीजे के बारे में लगातार निराधार झूठ बोलने वाले एक निवर्तमान राष्ट्रपति ने भड़काया। यह अमेरिका के लिए बेहद अपमान और शर्म की बात है।

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