अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो दिन में दूसरी बार बड़ा झटका लगा है। एक और संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप के जन्म से नागरिकता समाप्त करने के कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है। ट्रंप ने उन माता-पिता के बच्चों के लिए जन्म से नागरिकता समाप्त करने का आदेश दिया है, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं। 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। बीते 18 दिन में यह तीसरा मामला है, जब संघीय न्यायाधीश ने उनके आदेश पर रोक लगाई है।
अदालत में ट्रंप के फैसले का विरोध
इस आदेश के खिलाफ 22 राज्यों और कई मानवाधिकार संगठनों ने मुकदमा दायर किया है। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के समूह और अप्रवासी अधिकार संगठनों ने भी इसे चुनौती दी है। अदालत में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जन्म से नागरिकता मिलना अमेरिका की लोकतांत्रिक परंपरा का एक मजबूत आधार है।
ट्रंप के फैसले पर राजनीतिक मतभेद
इस मुद्दे पर अमेरिका में गहरी राजनीतिक खाई बन गई है। 22 डेमोक्रेटिक राज्यों ने इस आदेश के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जबकि 18 रिपब्लिकन राज्यों के अटॉर्नी जनरल ट्रंप के पक्ष में उतर आए हैं। बता दें कि, ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति बनने के पहले हफ्ते में ही 10 कड़े प्रवासी कानून लागू किए थे। इनमें से कुछ तुरंत लागू हो गए, जबकि कुछ पर कानूनी अड़चनें आईं। आगे यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। अमेरिका दुनिया के उन 30 देशों में शामिल है जहां 'जन्म से नागरिकता' का कानून लागू है। इनमें कनाडा और मैक्सिको भी शामिल हैं। इस आदेश के कानूनी भविष्य पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।