US: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शटडाउन को टालने वाले विधेयक पर आज हस्ताक्षर कर दिए हैं। शटडाउन का मतलब है कि अगर सरकार को जरूरी फंडिंग नहीं मिलती, तो सरकारी दफ्तर बंद हो सकते हैं और कर्मचारी बिना वेतन के घर भेजे जा सकते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को एक अहम विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद देश में सरकार के शटडाउन (सरकारी कामकाज बंद) को टाल दिया गया है। इसका मतलब है कि सभी सरकारी सेवाएं जारी रहेंगी और सरकारी कर्मचारियों को वेतन भी मिलता रहेगा।
विज्ञापन
इस विधेयक को पहले संसद (कांग्रेस) से पारित किया गया। लेकिन इसे मंजूरी मिलने में कुछ समय लगा क्योंकि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दखल दिया था। जिससे विधेयक के पारित होने में रुकावट आई थी। यह विधेयक अमेरिका में सरकारी सेवाओं को जारी रखने के लिए जरूरी था। अगर यह विधेयक पारित नहीं होता, तो सरकारी कार्यालयों को बंद कर दिया जाता और लाखों सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम पर नहीं जा पाते।
ट्रंप ने इस विधेयक को लेकर अपने कुछ सांसदों पर दबाव डाला, जिससे विधेयक के पारित होने की प्रक्रिया धीमी हो गई थी। लेकिन इसके बाद सांसदों ने मिलकर इस मुद्दे को सुलझाया और विधेयक को पारित कर दिया था।
विज्ञापन
शटडाउन क्या है?
'शटडाउन' का मतलब है कि अगर सरकार को जरूरी फंडिंग नहीं मिलती, तो सरकारी दफ्तर बंद हो सकते हैं और कर्मचारी बिना वेतन के घर भेजे जा सकते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपबल्किन पार्टी के सांसदों ने समझौते पर सहमति बनाई थी कि सरकार को मार्च तक चलाने के लिए फंडिंग दी जाएगी और कर्मचारियों को बिना वेतन के घर नहीं भेजा जाएगा। लेकिन ट्रंप और उनके कई प्रमुख सहयोगी, जिनमें अरबपति कारोबारी एलन मस्क भी शामिल हैं, इस समझौते में अधिक खर्च को लेकर नाराज थे। उनका कहना है कि इससे देश पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
ट्रंप ने कहा था कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों को इस समझौते में दी गई रियायतें देश के साथ धोखा हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों से आग्रह करते हुए कहा था कि वे समझदार और सख्त बनें और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों की धमकी से डरने के बजाय उनका सामना करें।शटडाउन के लिए 1,547 पन्नों के विधेयक में आपदा राहत के लिए 100 अरब डॉलर, किसानों की मदद के लिए 30 अरब डॉलर, चीन में निवेश पर पाबंदी और सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव था।