अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला बोला। अमेरिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर अपने देश ले गए हैं। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी अटॉर्नी का बयान सामने आया है। अमेरिका निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका के न्याय विभाग ने 2020 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो पर नार्को-आतंकवाद के गंभीर आरोप लगाए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दायर कई अभियोगों में कहा गया कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने वेनेजुएला को मादक पदार्थ तस्करों और आतंकी संगठनों के हित में काम करने वाले एक आपराधिक उद्यम में बदल दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए अरबों डॉलर की लूट की गई। उस समय के अटॉर्नी जनरल विलियम बोर ने इसे भ्रष्ट वेनेजुएला शासन करार दिया था।
वेनेजुएला में सत्ता को लेकर बड़ी राजनीतिक हलचल के बीच खोजी पत्रकार लौरा लूमर ने शनिवार को दावा किया कि मौजूदा उपराष्ट्रपति डेल्सी को जल्द ही देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है। लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सूत्रों के हवाले से कहा कि यह फैसला अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए बड़े सैन्य हमले के बाद लिया जा रहा है।
लूमर के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सत्ता शून्यता की स्थिति पैदा हुई है, जिसे भरने के लिए डेल्सी को अंतरिम नेतृत्व सौंपे जाने की तैयारी है। हालांकि वेनेजुएला सरकार या आधिकारिक संस्थानों की ओर से अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है।
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विवाद, संकट और अंतरराष्ट्रीय टकराव
संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में सुरक्षाबलों पर मानवता के खिलाफ अपराधों के गंभीर आरोप लगे। इसी दमनकारी माहौल के बीच विपक्ष की नेता मारिया कोरिना माचाडो को 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला। आज मादुरो को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिनकी यात्रा बस की सीट से राष्ट्रपति भवन तक पहुंची, लेकिन जिनका शासन विवाद, संकट और अंतरराष्ट्रीय टकराव से घिरा रहा।