निर्देशों में चेतावनी दी गई कि पानी रिसाव से विमान के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण एरिया में नमी आ सकती है। एफएए के अनुसार, इन पानी लीक के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गीले हो सकते हैं और उनमें शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान (AI-171) हादसे में मारे गए अमेरिकी लोगों के परिवारों के वकील ने विमान हादसे को लेकर अब चौंकाने वाला दावा किया है। दरअसल वकील का कहना है कि नए सबूतों से संकेत मिले हैं कि विमान की पानी की टंकी में लीक होने की वजह से हुए शॉर्ट सर्किट से हादसा हुआ। वकील ने विमान के ब्लैक बॉक्स का डेटा देने की मांग की है। अमेरिकी वकील ने दावा किया कि एअर इंडिया विमान हादसे में पायलट की कोई गलती नहीं थी।
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अमेरिकी वकील ने विमान के ब्लैक बॉक्स का डेटा देने की मांग की
एअर इंडिया विमान दुर्घटना से प्रभावित अधिकतर परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख अमेरिकी वकील माइक एंड्रूज ने अमेरिकी कानून के तहत एक आवेदन दायर किया है, जिसमें विमान हादसे से संबंधित उड़ान डेटा रिकॉर्डर (FDR) की जानकारी देने की मांग की गई है। एंड्रयूज ने नए सबूतों के आधार पर दावा किया है पानी के रिसाव के चलते विमान में शॉर्ट सर्किट हुआ, न कि पायलट की गलती से। एंड्रूज ने दावा कि शॉर्ट सर्किट के कारण ईंधन नियंत्रण स्विच अपने आप बंद हो सकते हैं।
अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन के निर्देशों के आधार पर किया दावा
अमेरिकी वकील माइक एंड्रूज ने अपने दावे के पक्ष में अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए-फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) के उड़ान संबंधी निर्देशों का जिक्र किया। एंड्रूज ने बताया कि 14 मई 2025 को संघीय उड्डयन प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया कि विमान की वाटरलाइन कपलिंग में पानी के रिसाव के कई मामले सामने आए हैं। निर्देशों में चेतावनी दी गई कि पानी रिसाव से विमान के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण एरिया में नमी आ सकती है। एफएए के अनुसार, इन पानी लीक के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गीले हो सकते हैं और उनमें शॉर्ट सर्किट हो सकता है। संघीय उड्डयन प्रशासन ने अपने निर्देशों में साफ तौर पर बोइंग कंपनी के 787-8, 787-9, 787-10 जैसे कुछ बोइंग मॉडल विमानों का जिक्र किया। एअर इंडिया का भी जो विमान हादसे का शिकार हुआ, वह भी 787-8 ड्रीमलाइनर ही था।
अहमदाबाद विमान हादसे में गई थी 260 लोगों की जान
एफएए के निर्देशों में इलेक्टॉनिक उपकरण एरिया के ऊपर नमी अवरोधक सीट ट्रैक्स की जरूरी जांच का निर्देश दिया गया था, जो पानी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एरिया में प्रवेश को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। 12 जून 2025 को, अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला एअर इंडिया का विमान AI171 उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 229 यात्री, चालक दल के 12 सदस्य और अन्य 19 लोगों समेत कुल 260 लोग मारे गए थे। भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उड़ान भरने के 90 सेकेंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था। इससे विमान तेजी से नीचे गिरा। यह दुर्घटना हाल के इतिहास में भारत में हुई सबसे घातक विमानन दुर्घटनाओं में से एक है।