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US vs Iran: ईरान पर अमेरिकी हमलों से दुनियाभर में मचा हड़कंप, सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा; शांति की अपील भी की

Sun, 22 Jun 2025 03:22 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियाद

सार

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों से दुनिया में हलचल मच गई है। सऊदी अरब ने इसे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है। साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने और संकट के शांतिपूर्ण समाधान की अपील भी की है।

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सऊदी अरब विदेश मंत्रालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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परमाणु कार्यक्रम को लेकर इस्राइल और ईरान के बीच शुरू हुए तनाव में अमेरिका की एंट्री ने दुनियाभर में तहलका मचा दिया है। वैश्वित नेता लगातार से इस हमले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच रविवार को सऊदी अरब ने भी अमेरिका की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब को ईरान में हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता है, खासकर अमेरिकी हमलों द्वारा ईरानी परमाणु स्थलों को निशाना बनाए जाने पर।

सऊदी अरब ने अपने 13 जून 2025 के बयान की याद दिलाते हुए दोहराया कि वह ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन किए जाने की निंदा करता है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राज्य सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और हालात को और बिगड़ने से रोकने की अपील करता है।

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कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर दिया जोर
इसके साथ ही सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह इस संवेदनशील समय में राजनीतिक समाधान निकालने के लिए अपने प्रयासों को तेज करे, जिससे इस संकट का शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके और क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही सऊदी अरब ने शांति की अपील करते हुए दुनिया से कहा है कि हालात को बिगड़ने से रोका जाए और कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाए।

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ईरान-इस्राइल तनाव में अमेरिकी की एंट्री
बता दें कि ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष नौवें दिन में पहुंच गया है। इस बीच अमेरिका भी अब इस्राइल के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान पर सटीक और बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शांति नहीं बनी तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस्राइली पीएम ने की ट्रंप की सराहना
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। उधर इस्राइली वायुसेना ने रविवार को फिर से पश्चिमी ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, यह हमला उस वक्त हुआ जब ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलें दागीं, जिसमें कई नागरिक घायल हुए।

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कैसे हुई संघर्ष की शुरुआत, समझिए
गौरतलब है कि यह पूरा संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ जब इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 नाम से ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनका निशाना इस्राइल के फाइटर जेट ईंधन संयंत्र और ऊर्जा केंद्र थे। ऐसे में अब जब अमेरिका भी इस टकराव में शामिल हो गया है, तो हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।

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