अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बताया कि सात अक्तूबर के बाद से यह चौथी बार है, जब अमेरिका ने हमास की कमर तोड़ने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका हमास की आंतकी गतिविधियों को रोकने के निरतंर प्रयास कर रहा है।
इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने हमास के खिलाफ कठोर कार्रवाई है, जिससे माना जा रहा है कि आर्थिक और वैश्विक स्तर पर हमास की कमर टूट सकती है। अमेरिका के विदेश विभाग ने बुधवार को हमास के आठ अधिकारियों और मददगारों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्रतिबंध का लक्ष्य आंतकी संगठन हमास को फंडिग करने वाले नेटवर्क को खत्म करना है।
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ब्रिटेन सहित अन्य देशों के साथ प्रतिबंध के लिए चर्चा जारी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बताया कि सात अक्तूबर के बाद से यह चौथी बार है, जब अमेरिका ने हमास की कमर तोड़ने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका हमास की आंतकी गतिविधियों को रोकने के निरतंर प्रयास कर रहा है। हमास पर प्रतिबंध लगाने में ब्रिटेन सहित अन्य सहयोगियों के साथ भी चर्चा की जा रही है। अमेरिका यूके सहित अन्य सहयोगियों के साथ हमास की फंडिंग रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें, इससे पहले ब्रिटेन और अमेरिका ने हमास से जुड़े व्यक्तियों के ऊपर तीसरा प्रतिबंध लगाया था। मिलर ने आगे बताया कि हमने हमास के महत्वपूर्ण लोगों के साथ-साथ उन माध्यमों की भी खोज की है, जिसके जरिए ईरान फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद और हमास का समर्थन कर रहा है और उन्हें फंड कर रहा है।
पहले भी कर चुका है कार्रवाई
इससे पहले प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिकी ट्रेजरी के उप सचिव वैली एडेइमो ने कहा था कि वॉशिंगटन हमास के वित्तपोषण को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और आगे की कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि आज की कार्रवाई हमारे वैश्विक भागीदारों के साथ काम करके हमास के वित्तपोषण नेटवर्क को खत्म करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता को बताती है। उन्होंने कहा, हमास की वित्तीय गतिविधियों और वित्तपोषण के स्त्रोतों को लगातार निशाना बनाकर बड़े आतंकवादी हमले करने की उसकी क्षमता को और कम करने के लिए हम कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे।
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जिन प्रमुख नामों को अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया था, उनमें एक खालिद कद्दौमी भी है, जो जॉर्डन का नागरिक है और लंबे समय से हमास का सदस्य है। वह ईरान में हमास का प्रतिनिधि है और हमास व ईरानी सरकार के बीच संपर्क का काम करता है। कद्दौमी ईरान के उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठकों में भाग लेकर और हथियारों के प्रावधान सहित हमास के लिए ईरानी समर्थन की प्रशंसा करके ईरान के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए काम करता है।