दुनिया के सभी देश चांद पर अपना ठिकाना बनाने की कोशिश में हैं। वहीं पृथ्वी पर सबसे ताकतवर मानी जाने वाली अमेरिकी सेना चांद पर सैन्य फैक्ट्री और अन्य विशालकाय भवन बनाने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद अंतरिक्ष में भी खुद को ताकतवर बनना है।
अमेरिका के डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (डीएआरपीए) ने इसके लिए एक नया प्रोजेक्ट बनाया है। वाणिज्यक अंतरिक्ष कंपनियों से चांद की सतह पर सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए ठिकाना तैयार करने में मदद ली जाएगी।
डीएआरपीए ने इसके लिए नॉवेल ऑर्बिटल एंड मून मैन्युफैक्चरिंग, मटेरियल एंड मास एफिसिएंट डिजाइन (एनओएम4डी) तैयार किया है जिसके तहत चांद पर सैन्य फैक्ट्री और अन्य भवन संरचना का निर्माण होगा।
डीएआरपीए डिफेंस साइंस ऑफिस के प्रोग्राम मैनेजर बिल कार्टर का कहना है कि एनओएम4डी के तहत चांद पर ऐसा ढांचा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है जिससे अंतरिक्ष की दुनिया में सैन्य ताकत को बढ़ावा मिले और वो सभी तरह की सुविधाओं से लैस हो।
चांद पर ठिकाना बनाना भी बड़ी चुनौती
बिल कार्टर का कहना है कि हम ऐसे प्रस्तावकों का इंतजार कर रहे हैं जो जो पृथ्वी के बजाय चांद पर सेना के लिए एक आधुनिक सुविधाओं से लैस मूलभूत ढांचा तैयार कर सकें ।
इसमें उन्हें युद्धाभ्यास, ग्रहण, चांद के वातावरण और अंतरिक्ष के विशिष्ट चक्रों का भी विशेष ध्यान रखना होगा जिससे आपात स्थिति में किसी तरह की कोई दिक्कत तकलीफ न पेश आए। चांद पर सैन्य ठिकाना बनाना चुनौती भरा काम है क्योंकि यहां सब कुछ तकनीक पर निर्भर है।