ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला संकेतित किया है। उन्होंने कहा कि गैसोलीन की कीमतें कम करने के लिए अमेरिका अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करेगा। ट्रंप का कहना है कि इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी।
पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी युद्ध का असर अब सीधे अमेरिका की ऊर्जा व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। बढ़ती तेल कीमतों और गैसोलीन की महंगाई के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनकी सरकार रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल निकाल सकती है। ट्रंप का कहना है कि इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
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ट्रंप ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि सरकार तेल के रणनीतिक भंडार का इस्तेमाल करेगी और इससे कीमतों में कमी लाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल भंडार से कुछ मात्रा में तेल निकाला जाएगा ताकि बाजार में राहत मिल सके। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितने बैरल तेल जारी किए जाएंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि बाद में इस भंडार को फिर से भर दिया जाएगा।
रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार क्या है?
अमेरिका का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार एक आपातकालीन तेल भंडार है, जिसे ऊर्जा संकट या युद्ध जैसी स्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है। जब वैश्विक बाजार में तेल की कमी होती है या कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तब सरकार इस भंडार से तेल जारी करके बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश करती है। इससे कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है।
ट्रंप का बाइडन सरकार पर क्या रुख रहा है?
मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन की आलोचना करते रहे हैं। ट्रंप ने कई बार कहा था कि बाइडन सरकार ने पेट्रोल की कीमतें कम करने के लिए रणनीतिक तेल भंडार का इस्तेमाल किया था। अब वही विकल्प ट्रंप सरकार भी अपनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर बना दिया है।