पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज हो गया है। अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों पर हमले का दावा किया है। खार्ग द्वीप पर कार्रवाई से तेल आपूर्ति पर खतरा बढ़ा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि खर्ग द्वीप पर हमले से ईरान की स्थिति पर नियंत्रण बढ़ा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर हमले का दावा किया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) द्वारा जारी इस वीडियो में कहा गया है कि अमेरिकी बलों ने उन ईरानी नौसैनिक लक्ष्यों को नष्ट किया, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के इलाकों में किए जाने का दावा किया गया है, जो दुनिया के लिए सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है।
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हालांकि इस वीडियो को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी रॉयटर्स ने साफ कहा है कि वह इस वीडियो की लोकेशन और तारीख की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाई है। साथ ही वीडियो में दिख रहे जहाजों की पहचान भी स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे इसकी सटीकता पर संदेह बना हुआ है।
क्या है खर्ग द्वीप पर हमले का असर?
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि खर्ग द्वीप पर हमले से ईरान की स्थिति पर नियंत्रण बढ़ा है। यह द्वीप ईरान के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात का मुख्य केंद्र है। हालांकि ईरान ने कहा है कि हमले के बावजूद निर्यात जारी है और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
क्या होर्मुज बना वैश्विक संकट का केंद्र?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां से करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने इस मार्ग को बाधित किया तो तेल ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।