बिडेन बहुमत से मात्र अब छह इलेक्टोरल वोट दूर हैं। बिडेन को 264 इलेक्टोरल कॉलेज सीट पर जीत हासिल हुई है जबकि राष्ट्रपति ट्रंप 214 पर ही बने हुए हैं। बिडेन को 50.4 फीसदी वोट मिले हैं वहीं ट्रंप को 48 फीसदी वोट मिले हैं।
बिडेन ने अपने भाषण में ट्रंप नाम लिए बिना निशाना साधा है। बिडेन ने कहा कि कोई सत्ता हथिया नहीं सकता बल्कि सत्ता जनता सौंपती है। बिडेन ने अपने भाषण में एकता की बात की। बिडेन को पता है कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी चुनौतियां बेशुमार हैं। इतने करीबी के नतीजों से साफ है कि दोनों नेताओं के पक्ष में विभाजन बहुत तगड़ा है।अभी नतीजे भले नहीं आए हैं लेकिन शेयर बाजार में भारी उछाल है।
जो बिडेन ने कहा है कि वो सभी अमेरिकी नागरिकों के राष्ट्रपति होंगे न कि जिन्होंने वोट किया है केवल उनके। जो बिडेन ने ऐसा कहकर चुनाव के बाद टकराव की आशंका को कम करने की कोशिश की है। बिडेन ने अपनी जीत की घोषणा नहीं की है, लेकिन कहा कि जब सारे वोटों की गिनती हो जाएगी तो उन्हें भरोसा है कि जीत उनकी ही होगी।
समाचार एजेंसी एपी ने मिशिगन में बिडेन की जीत बताई है। इस राज्य ने 2016 में ट्रंप की जीत में बड़ा रोल निभाया था और अब चार साल बाद बिडेन को यहां से छह इलेक्टोरल वोट हासिल हुए हैं। बाइडन को 270 इलेक्टोरल वोट चाहिए और मिशगन के बाद वो लक्ष्य के करीब पहुंचते दिख रहे हैं।
मंगलवार को हुए चुनाव में महत्वपूर्ण राज्यों में कांटे की टक्कर नजर आ रही है जिनमें बिडेन 264 निर्वाचक मंडल मत जीत रहे हैं, जबकि ट्रंप 214 निर्वाचक मंडल मतों के साथ बहुत पीछे हैं। स्पष्ट जीत के लिए 538 निर्वाचक मंडल सदस्यों में से विजेता बनने के लिए कम से कम 270 निर्वाचक मंडल मतों की आवश्यकता है।
लाखों मतों की गिनती अब भी चल रही है और कई महत्वपूर्ण राज्यों में परिणामों की घोषणा होनी अभी बाकी है। ट्रंप और बाइडेन दोनों ने कहा है कि वे 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जीतने जा रहे हैं। यह चुनाव अमेरिका के इतिहास में सर्वाधिक विभाजक और कटु चुनावों में से एक है।
अभी मतों की गिनती जारी है और इसी बीच जो बिडेन ने डेलावर में कहा कि वो अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। बिडेन ने कहा कि मतों की गिनती अभी थमी नहीं है और हम अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। बिडेन ने कहा कि 'मैं यहां जीत की घोषणा करने नहीं आया हूं, लेकिन जब मतों की गिनती पूरी हो जाएगी तो विजेता हम ही होंगे।'
ट्रंप के जीत के दावे पर बिडेन ने ट्वीट कर तंज कसते हुए लिखा है कि अमेरिका का राष्ट्रपति कौन होगा यह लोग तय करते हैं इसका दावा नहीं किया जा सकता है। बिडेन ने लिखा कि 'सत्ता ली नहीं जा सकती है और ना ही इसका दावा किया जा सकता है, यह लोगों से मिलती है, और यह उनकी इच्छा है जो यह निर्धारित करती है कि संयुक्त राज्य का राष्ट्रपति कौन होगा।' इसके बाद एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि 'हर वोट की गिनती होनी चाहिए। कोई भी हमारे लोकतंत्र को हमसे दूर नहीं ले जाने वाला है, अभी नहीं, कभी नहीं।'
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की लड़ाई अब कोर्ट की दहलीज पर जा पहुंची है। ट्रंप की प्रचार टीम ने बुधवार को मिशिगन में जहां वोटों की गिनती हो रही है वहां सार्थक पहुंच प्रदान किए जाने तक मतगणना रोकने की अपील की है। बता दें कि मिशिगन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के वोटों की गिनती की जा रही है जिसमें जो बिडेन का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है। इसके साथ ही ट्रंप की टीम ने कोर्ट से विस्कॉन्सिन राज्य में वोटों की गिनती फिर से कराए जाने की भी मांग की है।
कमला हैरिस ने ट्वीट किया कि 'कल रात, ट्रंप ने सभी वोटों को गिनने से रोकने के लिए अदालत में जाने की धमकी दी, हमारी प्रचार टीम लड़ने के लिए तैयार है। हमारा काम हफ्तों तक चल सकता है, और हमें आपकी मदद की जरूरत है। क्या आप आज बिडेन फाइट फंड में पांच डॉलर दान कर सकते हैं?'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रचार टीम ने मिशिगन में मतपत्रों की गिनती को रोकने के लिए एक मुकदमा दायर किया है। यह जानकारी रायटर के हवाले से सामने आई है।
राष्ट्रपति ट्रंप नॉर्थ कैरोलीना में फिलहाल आगे चल रहे हैं। यहां 15 इलेक्टोरल वोट हैं। अभी तक 94 फीसदी वोटों की गिनती हो चुकी है। लेकिन ट्रंप और बिडेन के बीच यहां दो फीसदी से भी कम का अंतर है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन फिलहाल 238 इलेक्टोरल वोट के साथ आगे चल रहे हैं तो राष्ट्रपति ट्रंप 214 वोट के साथ पिछड़ गए हैं। वहीं कई राज्यों में दोनों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। जार्जिया में ट्रंप अभी आगे चल रहे हैं, यहां 16 इलेक्टोरल वोट हैं तो मिशिगन में दोनों के बीच का अंतर एक फीसदी से भी कम है। मिशिगन में भी 16 इलेक्टोरल वोट हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बिडेन की टीम ने कहा कि अगर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचता है तो डोनाल्ड ट्रंप को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा।
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विसकोंसिन राज्य में फिर से वोटों की गिनती की मांग कर सकते हैं। बता दें कि ट्रंप मतगणना में गड़बड़ी की आशंका पहले ही जता चुके हैं।
पुलिस ने बताया है कि चुनाव के दिन सिएटल में सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले कम से कम आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतरे भारतीय मूल के एक उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेट उम्मीदवार पूर्व राजनयिक श्रीनिवास राव प्रेस्टन कुलकर्णी टेक्सस के एक जिले से चुनाव लड़ रहे थे।
जाने-माने अमेरिकी वकील बैरी रिचर्ड ने कहा है कि इस बार कानूनी विवाद की जड़ में डाक वाले वोट होंगे। उन्होंने कहा, यह मामला कई तरह से अलग है। तब फ्लोरिडा में बैलेट के डिजाइन में गड़बड़ी थी और क़ानूनी गलतियां भी हुई थीं जो मुकदमे का आधार थीं। इस बार मुझे नहीं लगता कि सुप्रीम कोर्ट आसानी से इस मामले को स्वीकार करेगा, जब तक कि ऐसा करना एकदम जरूरी नहीं हों।
पेंसिल्वेनिया के गवर्नर टॉम वुल्फ का कहना है कि राज्य में गिनती के लिए 10 लाख से अधिक मेल बैलेट बचे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, मैंने वादा किया है कि हम हर वोट की गिनती करेंगे और हम ऐसा करने जा रहे हैं।
कोरोना वायरस के कारण चुनाव की रात लोगों की भीड़ से खचाखच भरे रहने वाले ‘टाइम्स स्क्वायर’ पर सन्नाटा पसरा दिखा। अमेरिका में सभी की नजरें राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं।
1948 के बाद अरिजोना में जीत हासिल करने वाले जो बिडेन पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार हैं। अरिजोना को रिपब्लिकन का गढ़ माना जाता है। बिडेन की यहां से जीत ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका है। अरिजोना ने 72 सालों में पहली बार किसी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दिया है।
पेंसिल्वेनिया राज्य में वोटों की गिनती को रोक दिया गया है। कल सुबह से वोटों की गिनती को फिर से शुरू किया जाएगा।
चेन्नई में पैदा हुईं 55 वर्षीय प्रमिला जयपाल ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार क्रेग केलर को वाशिंगटन के सातवें कांग्रेसनल जिले में हराया।
डेमोक्रेट उम्मीदवार साराह मैकब्राइड ने डेलावेयर से राज्य सीनेट की सीट पर जीत हासिल की है और शपथ लेने के बाद वह देश की पहली ट्रांसजेंडर राज्य सीनेटर (राज्य सीनेट की सदस्य) बन जाएंगी।
भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद राजा कृष्णमूर्ति लगातार तीसरी बार अमेरिकी कांग्रेस के निम्न सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के लिए चुन लिए गए हैं।
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन को वाशिंगटन, ओरिगन, कैलिफॉर्निया और इलिनोयस में जीत हासिल हुई।
डेमोक्रेटिक पार्टी की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस ने ट्वीट कर कहा है, जो बिडेन जानते हैं कि इसका कोई मायने नहीं हैं कि हम कहां से आए हैं और कहां रहते हैं। हमारी नस्ल, लिंग, पृष्ठभूमि और आस्था क्या है इसका कोई मतलब नहीं है। हमारी पहचान कैसे की जाती है और हम किसे प्यार करते हैं, इसका भी कोई मतलब नहीं है। इसका भी कोई मतलब नहीं है कि आपकी दादी कौन सी भाषा बोलती हैं। हमें इस आधार पर कोई बांट नहीं सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के शुरुआती रुझानों में डोनाल्ड ट्रंप की केंटकी, टेनेसी, वेस्ट वर्जीनिया, अरकंसास और ओक्लाहोमा में जीत का अनुमान जताया जा रहा है। वहीं, उनके डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन मैसाचुसेट्स, न्यू जर्सी, मैरीलैंड, वर्मोंट, न्यूयॉर्क और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में जीत दर्ज कर सकते हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन ने वर्मोंट में जीत हासिल की।
बिडेन ने इलिनॉयस में भी जीत दर्ज की है। इस राज्य में 20 इलेक्टोरल वोट हैं और यह पारंपरिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ रहा है।
फ्लोरिडा में ट्रंप और बिडेन में कांटे की टक्कर जारी है। ट्रंप यहां दो प्वाइंट से लीड कर रहे हैं। यहां 29 इलेक्टोरल वोट हैं और दोनों के लिए ही यह स्टेट जीतना बेहद जरूरी है। वहीं बिडेन ने कनेक्टिकट और मैसाचुसेट्स में भी जीत दर्ज की है।
जो बिडेन जीत के लिहाज से बेहद अहम राज्य जॉर्जिया में बढ़त बनाए हुए हैं। वह ट्रंप से चार प्वाइंट आगे चल रहे हैं जॉर्जिया में 16 इलेक्टोरल वोट हैं। 2016 में यहां से ट्रंप ने जीत दर्ज की थी। बिडेन ने न्यू जर्सी, अपने गृह राज्य डेलावेयर और वर्जीनिया में जीत दर्ज की है।
ट्रंप ने ओक्लाहोमा में भी जीत दर्ज की है। इस राज्य में सात इलेक्टोरल वोट हैं। ट्रंप ने 2016 में भी सहज अंतर से यहां जीत दर्ज की थी।
इंडियाना के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप ने केंटुकी और वेस्ट वर्जीनिया में भी में जीत दर्ज की है।
इंडियाना में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत की बात सामने आ रही है। यह राज्य उपराष्ट्रपति माइक पेंस का गृह राज्य है और यहां आमतौर पर रिपब्लिकन पार्टी की जीत होती है। हालांकि 2008 में बराक ओबामा ने करीब की जीत दर्ज की थी। इंडियाना में 11 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं।
ट्रंप के पास इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने के कई रास्ते हैं, लेकिन उनके लिए सर्वश्रेष्ठ रास्ता फ्लोरिडा और पेनसिल्वेनिया में जीत का है। यदि वह दोनों राज्यों में जीत जाते हैं और नॉर्थ कैरोलीना व एरिजोना, जॉर्जिया और ओहायो में बढ़त प्राप्त करते हैं तो वह जीत जाएंगे।
उपराष्ट्रपति पद की डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस ने मतदाताओं से कहा कि अगर आपने मतदान कर दिया है तो शुक्रिया। लेकिन हमें अब भी आपकी मदद की जरूरत है। 20 मिनट निकालिए और मतदाताओं को मतदान केंद्रों को खोजने में मदद कीजिए।
डोनाल्ड ट्रंप पूरी कोशिश कर रहे हैं कि वो दोबारा राष्ट्रपति चुनाव जीत जाएं और जॉर्ज बुश का इतिहास ना दोहराएं जो कि 1992 के चुनाव में दोबारा राष्ट्रपति नहीं बन पाए थे। लेकिन जो बिडेन उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। बता दें कि करीब 10 करोड़ मतदाता पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं।
अधिकार चुनावी सर्वेक्षण बता रहे हैं कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन आगे चल रहे हैं लेकिन वही सर्वेक्षण यह भी बता रहे हैं कि स्विंग स्टेट में दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर है।
डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन, दोनों ने ही इस चुनाव में अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। ओपिनियन पोल बताते हैं कि दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। जीत के मार्जिन की बात करें तो बिडेन महज 2.5 फीसदी अंकों से ट्रंप से आगे हैं। हालांकि, बीते कुछ दिनों में ट्रंप की ताबड़तोड़ रैलियां उन्हें बराबरी में ला सकती हैं।