अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी फैलने के बाद से देश ने 77.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की आपात स्वास्थ्य, मानवीय और आर्थिक सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिका ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए इस राशि से भारत समेत 120 से अधिक देशों को मदद मिलेगी। बता दें कि कोरोना वायरस से दुनिया भर में 2.39 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 30 लाख से ज्यादा लोग इस खतरनाक बीमारी से प्रभावित हैं।
शुक्रवार को पेश किए गए फैक्ट रिपोर्ट में अमेरिका के विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि करीब 77.5 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता राशि का उद्देश्य, खास कर सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को इस महामारी से लड़ने में मदद करना है।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कांग्रेस की तरफ से मुहैया कराई गई इस राशि से 120 से अधिक देशों में
- जनस्वास्थ्य शिक्षा में सुधार करने
- स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की रक्षा करने
- प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने
- बीमारी की निगरानी करने
- बीमारी के खिलाफ तुरंत प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फैक्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि इस राशि में से भारत को 59 लाख डॉलर की सहायता मिली है। इस राशि से भारत
- बीमारी से प्रभावित लोगों की देखभाल मुहैया कराने
- समुदायों में जनस्वास्थ्य संदेश प्रसारित करने
- बीमारी के मामलों का पता लगाने
- निगरानी बढ़ाकर बीमारी के प्रसार को रोक सकता है।
भारत को पिछले 20 सालों में करीब 2.8 अरब डॉलर की कुल सहायता मिली है। इसमें 1.4 अरब डॉलर से अधिक राशि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दी गई है।
अमेरिका की तरफ से दूसरे देशों को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए दी गई सहायता राशि की बात करें तो,
- अफगानिस्तान- 1.8 करोड़ डॉलर
- पाकिस्तान- 1.5 करोड़ डॉलर
- बांग्लादेश- 1.23 करोड़ डॉलर की राशि दी गई है।