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UN रिपोर्ट में खुलासा: लाल किले के पास कार धमाके के पीछे अल-कायदा का नया संगठन, नौ महीने पहले हुआ था हमला

Thu, 13 Aug 2026 10:29 AM IST
निर्मल कांत एएनआई, न्यूयॉर्क।

सार

नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर यूएनएससी की नई रिपोर्ट में एक्यूआईएस का नाम सामने आया है। इससे पहले एक रिपोर्ट में हमले को जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया था, तो आखिर 11 लोगों की जान लेने वाले इस हमले के पीछे किस आतंकी संगठन का हाथ था? पढ़िए रिपोर्ट-
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दिल्ली कार विस्फोट मामला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इस हमले में भारतीय महाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) शामिल था। इस धमाके में 11 लोगों की जान गई थी। 
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यूएनएससी के विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल की यह 38वीं रिपोर्ट है। रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि एक्यूआईएस अब एक बिखरा हुआ संगठन नहीं रहा। वह एक क्षेत्रीय आतंकी संगठन के तौर पर आगे बढ़ रहा है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, एक्यूआईएस ने अपने काम के लिए सामान पहुंचाने और पैसे से जुड़े नेटवर्क बनाए हैं। संगठन बड़े समूहों की जगह छोटे और अलग-अलग सेल के जरिये काम कर रहा है। रिपोर्ट में साफ तौर पर नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुए हमले के लिए एक्यूआईएस को जिम्मेदार बताया गया है। इसमें यह भी चिंता जताई गई है कि एक्यूआईएस बांग्लादेश का इस्तेमाल वहां अपने आतंकी ठिकाने बनाने के लिए करने की कोशिश कर रहा है। 

पहले किस आतंकी संगठन का आया था नाम?
लाल किले के पास धमाके के लिए एक्यूआईएस का नाम सामने आना इसलिए भी अहम है, क्योंकि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की एक अन्य रिपोर्ट में इस हमले के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए बताए गए थे। 


 
यूएनएससी के निगरानी दल की 37वीं रिपोर्ट के मुताबिक, एक सदस्य देश ने कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी। इसी संगठन के बारे में यह भी बताया गया था कि उसका नवंबर 2025 के लाल किले के पास हमले से संबंध हो सकता है। यानी पिछली रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का लिंक बताया गया था। अब नई रिपोर्ट में इस हमले को एक्यूआईएस से जोड़ा गया है। 

दिल्ली धमाके के बाद घटनास्थल पर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : एएनआई (फाइल)
कैसे हुआ था लाल किले के पास धमाका?
नवंबर 2025 में दिल्ली में शाम करीब सात बजे यह धमाका हुआ था। लाल किले के पास एक चलती हुंडई आई20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस कार को उमर नबी चला रहा था। उस पर आत्मघाती हमलावर होने का शक था। धमाके में उसकी भी मौत हो गई थी। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी। दो दर्ज से अधिक लोग घायल हुए थे। 

अल-कायदा और आईएसआईएल को लेकर चिंता
यूएनएससी की ताजा रिपोर्ट में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएल) से जुड़े संगठनों को लेकर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा और आईएसआईएल कई साल से रासायनिक और जैविक हथियार बनाने में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, वे अब ते ऐसे हथियार बनाने की तकनीकी मुश्किलों को दूर नहीं कर पाए हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे हथियारों से जुड़े निर्देश आतंकी समूहों के बीच ऑनलाइन बड़े पैमाने पर साझा किए गए हैं। रिपोर्ट में आईएसआईएल की अंग्रेजी भाषा की पत्रिका इनवेड पत्रिका का भी जिक्र किया गया है। इसमें फरवरी में बोटुलिनम टॉक्सिन और साइनाइड से जुड़ी जानकारी प्रकाशित की गई थी। 
 
निगरानी दल ने यह भी कहा कि आईएसआईएल-के की खास दिलचस्पी रिसिन (जहरीला पदार्थ) में रही है। उसने 12 महीनों में रिसिन को बनाने से जुड़े निर्देश भी साझा किए हैं।  
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दिल्ली में लाल किला के आस पास विस्फोट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
एनआईए का 7,500 पन्नों का आरोपपत्र  
इस बीच, नवंबर 2025 में लाल किले के पास कार में धमाके के मामले में राउस एवेन्यू कोर्ट ने एनआईए के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। हमले के पीछे इन लोगों के होने का शक है। अभियोजन पक्ष की शिकायत भी हजारों पन्नों की है। इसमें 580 से ज्यादा गवाहों का जिक्र किया गया है। 
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