केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर भारत के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर गौर करते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि वैश्विक निकाय सभी को कानून के शासन का सम्मान करने को प्रोत्साहित करता है।
महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सभी जानते हैं, यह ऐसा मुद्दा है जिसपर उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की है। इसलिए हम इस मामले को भारत के कानून अधिकारियों पर छोड़ते हैं।
हक ने कहा कि निश्चित तौर पर हम चाहते हैं कि सभी पक्ष कानून के फैसले का सम्मान करें संयुक्त राष्ट्र के रुख और सभी लोगों के समान अधिकारों पर इसके मौलिक रवैये को दुनिया जानती है।
मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर केरल में व्यापक स्तर पर हुई हिंसा के संबंध में फरहान हक से सबरीमला की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र का पक्ष जानने की कोशिश की गई थी।
हक से जब एक संवाददाता ने पूछा कि मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देना क्या मानवाधिकार का हनन है तो उन्होंने दोहराया कि बेशक, संयुक्त राष्ट्र देश के कानूनों का सम्मान करने के लिए सभी को प्रोत्साहित करता है।