अमेरिका के कैलिफोर्निया में सैन डियागो जू सफारी पार्क में दो गोरिल्ला कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सफारी पार्क की कार्यकारी निदेशक लिसा पीटरसन ने कहा कि खांसी और सांस लेने की समस्या को छोड़ दें तो दोनों गोरिल्ला फिलहाल ठीक हैं।
बता दें कि जुलाई 2020 में मियामी चिड़ियाघर के एक 196 किलो वजनी बीमार गोरिल्ला का कोरोना टेस्ट किया गया था जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक, शांगो नामक 31 वर्षीय गोरिल्ले की कुछ दिनों पहले ही अपने 26 वर्षीय भाई बार्नी के साथ लड़ाई हुई थी। इसके बाद शांगो को बुखार हो गया था। इसे देखते हुए शांगो की कोरोना जांच की गई, इसके लिए सात लोगों की टीम ने उसे पकड़कर उसका स्वाब नमूना लिया गया था।
इसी तरह नवंबर 2020 एक खबर आई थी कि डेनमार्क सरकार के आदेश पर ऊदबिलावों को मारा जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ऊदबिलाव में कोरोना वायरस का पता लगाया गया था, इसके कारण डेनमार्क के फॉर्मों में पल रहे इस जानवर को मारा गया।
बता दें कि अबतक पशुओं में कोरोना संक्रमण के गिने-चुने मामले ही सामने आए हैं। अगस्त 2020 में अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में दावा किया था कि कोरोना महामारी की चपेट में पशुओं की कई प्रजातियां आ सकती हैं। इस अध्ययन के अनुसार कोविड-19 महामारी का कारण बने कोरोना वायरस के संभावित खतरे का सामना करने वाली एकमात्र प्रजाति मनुष्य नहीं है, बल्कि पशुओं की कई प्रजातियों को भी इससे बड़ा खतरा है।
रिसर्च जर्नल पीएनएएस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, पश्चिमी गोरिल्ला, ऑरंगुटन और गाल पर सफेद बाल वाले काले लंगूर जैसी गंभीर रूप से लुप्तप्राय कई प्रजातियों को इस वायरस का संक्रमण हो सकता है। ये संक्रमण के लिहाज से अतिसंवेदनशील हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर समुद्री स्तनधारियों जैसे ग्रे व्हेल और बॉटलनोज डॉल्फिन के साथ-साथ चीनी हैम्स्टर में भी कोरोना वायरस के उच्च जोखिम में हैं।