अमेरिका ने ईरान समर्थित आतंकियों के समूहों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इराकी सीमा के पास सीरिया में हवाई हमले शुरू किए। यह हमला इस माह की शुरुआत में इराक में हुए रॉकेट हमलों के बाद किया गया जिसमें अमेरिकी सेवा से जुड़ा एक ठेकेदार मारा गया था। बाइडन प्रशासन द्वारा यह पहली सैन्य कार्रवाई की गई जिसने पिछले दिनों चीन की चुनौतियों पर जोर दिया।
हवाई हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पत्रकारों से कहा, हमें भरोसा है कि शिया आतंकवादियों द्वारा इन ठिकानों से जो कार्रवाई की जा रही थी, हमने उन्हें खत्म करने के लिए हवाई हमले किए।
ऑस्टिन ने कहा उन्होंने ही बाइडन को इस कार्रवाई की सिफारिश की थी। इससे पहले पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, अमेरिकी कार्रवाई एक आनुपातिक सैन्य प्रतिक्रिया थी जो गठबंधन सहयोगियों के साथ परामर्श और राजनयिक उपायों के साथ हुई।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति जो बाइडन के निर्देश पर अमेरिकी सैन्य बल ने पूर्वी सीरिया में यह हमला किया है। किर्बी के मुताबिक, राष्ट्पति बाइडन सीरिया और इराक में हालात खराब नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, इन हमलों में ईरान समर्थित समूहों के कई ठिकाने तबाह हो गए हैं।
बड़ी संख्या में हुई मौतें
सीरिया के एक मानवाधिकार संगठन ने अमेरिकी हमलों में एक दर्जन से ज्यादा ईरान समर्थित लड़ाकों के मारे जाने की बात कही है। सीरियन ऑब्जरवेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स के निदेशक रामी अब्दुल रहमान ने कहा, अमेरिकी हमलों में तीन ट्रक तबाह हो गए हैं, जिन पर ईरान समर्थित समूहों ने हथियार लाद रखे थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में मौतें भी हुई हैं। शुरुआती संख्या 17 बताई गई लेकिन अभी अधिकृत पुष्टि बाकी है।
सात ठिकानों को बनाया निशाना
पेंटागन के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सात ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बम गिराए, जिनमें से एक ठिकाना ईरान-सीरिया सीमा पर भी है। अमेरिका का कहना है कि इस सीमा का इस्तेमाल ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हथियारों के मूवमेंट के लिए करते थे। इनमें कताएब हिजबुल्ला और कताएब सैयद अल-सुहादा जैसे आतंकी समूह शामिल हैं।
बाइडन के आदेश पर हुआ हमला
बाइडन प्रशासन ने अपने शुरुआती दिनों में इरादा जताया था कि वे चीन की ओर से पेश की चुनौती पर ज्यादा फोकस करेंगे। इस बीच, हवाई हमले को सीधे राष्ट्रपति कार्यालय से मिले आदेश पर अंजाम दिया गया। इस हमले की घोषणा करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा कि इस संतुलित सैन्य कार्रवाई को राजनयिक कदमों के साथ अपने साथियों के साथ विचार विमर्श के बाद अंजाम दिया गया है।
एटमी संधि के रास्तों की तलाश के वक्त किए हमले
इराक से लगती पूर्वी सीरियाई सीमा पर अमेरिकी हमले ऐसे वक्त में किए गए हैं जब शिया देश के लिए परमाणु संधि पर दोबारा लौटने के लिए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। 2015 में बराक ओबामा प्रशासन के दौरान हुई इस संधि को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेकार बताते हुए खारिज कर दिया था और वो संधि से बाहर आ गए थे। लेकिन बाइडन प्रशासन ने ईरान द्वारा प्रतिबद्धता दिखाने पर संधि पर लौटने की बात की थी।