अमेरिका (United States) के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैक्स रिटर्न्स शुक्रवार को सार्वजनिक किए जाएंगे। यहां सियासी हलकों में इसका बेसब्री इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की एक समिति ने पिछले हफ्ते ट्रंप के टैक्स रिटर्न जारी करने के पक्ष में मतदान किया था। लेकिन अभी भी टैक्स रिटर्न्स के संपादित हिस्से ही सामने आएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप के टैक्स रिटर्न्स का विवाद तब से चल रहा है, जब वे राष्ट्रपति थे। आरोप है कि ट्रंप ने अपने लंबे कारोबारी करियर के दौरान टैक्स की चोरी की है। हालांकि ट्रंप का यह कहना रहा है कि उन्होंने अमेरिकी कानून में मौजूद खामियों का फायदा भर उठाया है।
अमेरिकी कांग्रेस के निवर्तमान निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है। इस सदन का कार्यकाल अगले हफ्ते खत्म हो जाएगा। उसके बाद इस वर्ष नवंबर में चुने गए नए सदन का कार्यकाल शुरू होगा, जिसमें ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिला है। यहां सियासी पर्यवेक्षकों का कहना है कि डेमोक्रेट नियंत्रित हाउस ने अपना कार्यकाल खत्म होने के पहले ट्रंप के टैक्स दस्तावेजों को जारी करने को प्राथमिकता दी है।
हाउस की समिति ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पिछले महीने ट्रंप के टैक्स दस्तावेज हासिल किए थे। पिछले महीने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाउस की समिति के पक्ष में फैसला सुनाया था। यहां मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से राजनीतिक हलचल मच सकती है। अमेरिका में परंपरा है कि राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा हुए उम्मीदवार अपने टैक्स दस्तावेज खुद सार्वजनिक करते हैं। लेकिन 2016 के चुनाव में जब ट्रंप उम्मीदवार बने, तो उन्होंने यह परंपरा तोड़ दी। इस कारण उनके टैक्स रिकॉर्ड को लेकर रहस्य बना रहा है। बीते छह वर्षों में यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है।
एक समय अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रंप के टैक्स रिटर्न्स के कुछ हिस्सों को प्रकाशित किया था। उससे सामने आया था कि ट्रंप को कारोबार में भारी नुकसान हुआ, जिसे उन्होंने छिपाए रखा। साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की। पिछले हफ्ते हाउस की समिति ने ट्रंप के टैक्स रिटर्न्स की अपनी जांच के निष्कर्ष जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि अमेरिका के टैक्स विभाग- इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) ने ट्रंप के चार साल के राष्ट्रपति कार्यकाल में तीन वर्ष उनके टैक्स की ऑडिट नहीं की। इस तरह इस एजेंसी ने खुद अपने नियमों का उल्लंघन किया।
इसलिए अनुमान है कि शुक्रवार को टैक्स रिटर्न के सार्वजनिक होने के दूरगामी नतीजे हो सकते हैं। ट्रंप 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान कर चुके हैं। समझा जाता है कि ट्रैक्स रिटर्न्स सार्वजनिक होने से उनकी उम्मीदवारी को झटका लगेगा। इसके अलावा आईआरएस की कार्य प्रणाली भी घेरे में आएगी। समझा जाता है कि शुक्रवार को जो दस्तावेज जारी होंगे, उनमें ट्रंप के 2015 से 2021 तक टैक्स रिटर्न शामिल हैं। ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि शुक्रवार के बाद उनके लिए चुप्पी साधे रखना कठिन हो जाएगा।