भारतीय बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं, जहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा 80वें सत्र में भारत का पक्ष रखा। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के पहले प्रतिनिधिमंडल के नेता, भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी ने बुधवार (8 अक्तूबर) को संयुक्त राष्ट्र की तीसरी समिति में आम बहस के दौरान भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य दिया, जहां उन्होंने पाकिस्तान के उत्पीड़न और दुष्प्रचार के इतिहास को तीखे शब्दों में उजागर किया।
जम्मू और कश्मीर पर बोलने वाले पाकिस्तान को दो टूक
जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की निराधार टिप्पणियों को खारिज करते हुए पीपी चौधरी ने दोहराया कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने चुनावों में धांधली, लोकप्रिय नेताओं को जेल में डालने, अपनी ही जनता पर बमबारी करने और जन विरोध प्रदर्शनों का क्रूरतापूर्वक दमन करने जैसे संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंचों का पाकिस्तान के आदतन दुरुपयोग की आलोचना की।
सेना प्रमुख के बयान पर पाक को घेरा
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पी.पी. चौधरी ने वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि पाकिस्तान के अपने सेना प्रमुख ने भी देश को "डंप ट्रक" बताया है, जिससे उसकी शासन व्यवस्था की सड़न उजागर होती है। साथ ही चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा से प्रेरित भारत का संविधान एक अधिकार-आधारित ढांचा प्रदान करता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक नागरिक अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके।
UNGA में भारत की उपलब्धियों को गिनाया
चौधरी ने इस मौके पर समावेशी विकास में भारत की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ से ज्यादा लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, जबकि लगभग 80 करोड़ लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सामाजिक सुरक्षा अब 64.3 फीसदी आबादी को कवर करती है।
इसी के साथ पीपी चौधरी ने बताया कि "नारी शक्ति" एक राष्ट्रीय मिशन बन गया है, जहां उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन दुनिया में सबसे ज्यादा है और 2024-25 तक कार्यबल में उनकी भागीदारी बढ़कर 40.3 प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक, 2023 को भी महिलाओं के नेतृत्व वाले शासन में एक मील का पत्थर बताया।
युवा सशक्तिकरण-प्रौद्योगिकी-संचालित विकास पर जोर
सांसद पीपी चौधरी ने भारत के युवा सशक्तिकरण और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास पर जोर दिया और माई भारत, स्किल इंडिया, पीएम-एनएपीएस और युवाएआई एआई कौशल कार्यक्रम की सफलता का जिक्र किया। साथ ही प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डिजिटल रूप से 512 अरब अमेरिकी डॉलर वितरित) और यूपीआई जैसे डिजिटल नवाचारों का भी जिक्र किया, जिन्होंने वित्तीय समावेशन में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। उन्होंने मेरी पंचायत ऐप पर भी गर्व जताया, जिसने 2,65,000 ग्राम परिषदों को सशक्त बनाने के लिए डब्ल्यूएसआईएस 2025 चैंपियन पुरस्कार जीता।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहले प्रतिनिधिमंडल के नेता और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि भारत "विकसित भारत - 2047 तक विकसित भारत" के अपने दृष्टिकोण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान की विभाजनकारी और दमनकारी नीतियों के बिल्कुल विपरीत, वैश्विक दक्षिण और संयुक्त राष्ट्र के एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में खड़ा रहेगा।
न्यूयॉर्क में भारत का बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल
आपको बता दें कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 15 सांसदों वाला यह दल 14 अक्तूबर तक न्यूयॉर्क में रहेगा। वहीं 15 सांसदों का दूसरा दल इस महीने के अंत तक यानी 28 अक्तूबर तक संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेगा। पहले दल का नेतृत्व भाजपा सांसद और एक राष्ट्र-एक चुनाव पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी कर रहे हैं। जबकि दूसरे दल का डी. पुरंदेश्वरी नेतृत्व कर रहे हैं।