केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी
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केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण का मकसद आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित होना चाहिए कि पुरुषों और महिलाओं को समान महत्व दिया जाए और वे हर जगह समान अवसरों का आनंद उठा सकें।
महिलाओं के हालात पर संयुक्त राष्ट्र आयोग के 65 वें सत्र की एक सामान्य चर्चा में बोलते हुए ईरानी ने कहा, भारत अपनी बेटियों और दुनिया भर की महिलाओं के लिए एक अधिक न्यायसंगत दुनिया के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी महिलाओं के विकास के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, स्थानीय शासन में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण ने यह सुनिश्चित किया है कि 13.7 करोड़ निर्वाचित भारतीय महिला प्रतिनिधि समुदाय के स्तर पर लैंगिक-संवेदनशील सार्वजनिक नीतियों को बनाने और लागू करने में नेतृत्व प्रदान करें। उन्होंने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना द्वारा जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार का भी जिक्र किया। ईरानी ने 10 करोड़ घरेलू शौचालयों के निर्माण का उल्लेख भी किया जिसने भारतीय महिलाओं के स्वास्थ्य व कल्याण में बहुत योगदान दिया है।