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सीरिया: सैन्य अभियान के बीच दाएश लड़ाकों के छूट जाने का खतरा, यूएन ने जताई चिंता

Tue, 15 Oct 2019 10:26 PM IST
Nilesh Kumar यूएन हिंदी समाचार
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UN Secretary-General Antonio-Guterres
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सीरिया के पूर्वोत्तर इलाके में तुर्की की सैन्य कार्रवाई से आतंकवादी गुट आईसिल (दाएश) के बड़ी संख्या में लड़ाकों की रिहाई की आशंका जताई जा रही है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। 

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेश ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र में बदहाल सुरक्षा व्यवस्था और चरमराते स्वास्थ्य तंत्र के बीच लड़ाई तुरंत रोके जाने और हर हाल में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। हिंसा भड़कने के बाद से एक सप्ताह के भीतर कई आम नागरिक हताहत हुए हैं और अन्य एक लाख 60 हजार से ज्यादा लोगों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा है। 

यूएन प्रमुख के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा है कि मौजूदा सैन्य अभियानों से दाएश के लड़ाकों कि अनचाही रिहाई भी हो सकती है जिसके दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्द मिलिशिया ने 12 हजार ज्यादा संदिग्ध दाएश लड़ाकों को बंदी बनाया हुआ है।
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तुर्की ने नौ अक्तूबर को सैन्य कार्रवाई शुरू की थी जिससे कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने क्षेत्र से अपने सैनिक हटाने की घोषणा की थी। पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्द मिलिशिया के साथ अमेरिकी सेना लंबे समय से मिलकर काम कर रही थी ताकि दाएश को जड़ से उखाड़ कर फेंका जा सके। हालांकि तुर्की का मानना है कि कुर्द मिलिशिया आतंकवादी हैं।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक़ कुर्द सेना ने सीरियाई सरकार के साथ एक समझौता किया है जिससे उनके क्षेत्र में राष्ट्रीय सैनिकों को आने की अनुमति दी जाएगी। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ज़रूरतमंदों तक सतत और सुरक्षित मानवीय राहत पहुंचाने की अपील की है और आम नागरिकों की हर हाल में सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया है।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के कार्यालय (UNOCHA) का अनुमान है कि तुर्की की सैन्य कार्रवाई से अब तक डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों का विस्थापन हुआ है और यह आंकड़ा आने वाले दिनों में बढ़ सकता है।

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मानवीय आधार पर पहुंच की अपील

बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन के अलावा मानवीय राहतकर्मियों ने राक्क़ा गवर्नरेट के आइन इस्सा शिविर में 13 हजार से ज्यादा घरेलू विस्थापितों के हालात पर चिंता जताई है। यह शिविर उन तीन कैंपों में शामिल है, जहां ऐसे एक लाख से ज़्यादा लोगों को रखा जा रहा है, जिन पर कथित तौर पर दाएश से संबंध रखने का संदेह हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कैंप को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। 

अल हसाकेह गर्वनरेट के सीमावर्ती शहर क़ुआमिशली में बमबारी जारी है जिसके बाद यूएन और उसके साझेदार संगठनों ने जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

मानवीय मामलों की यूएन एजेंसी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय राहत संगठनों ने कुछ स्थानों से अपने कर्मचारियों को वापस बुलाया है जबकि कुछ कामकाज सीमा से हटकर अन्य सुरक्षित क्षेत्रों में किया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि बढ़ती असुरक्षा के कारण पहले से कमजोर स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। दो राष्ट्रीय अस्पताल, तीन फील्ड अस्पताल और घरेलू विस्थापितों के कैंप में बनाए गए स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह संचालित नहीं है या फिर सीमित सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

साथ ही कुछ साझेदार संगठनों ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी और साझेदार संगठन तेज़ी से बदल रही स्थिति के लिए जरूरत के अनुरूप तैयारी में जुटे हैं। इसके तहत चिकित्सा उपचारों, वैक्सीन और अन्य दवाईयों का भंडारण किया जा रहा है।
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