बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन के अलावा मानवीय राहतकर्मियों ने राक्क़ा गवर्नरेट के आइन इस्सा शिविर में 13 हजार से ज्यादा घरेलू विस्थापितों के हालात पर चिंता जताई है। यह शिविर उन तीन कैंपों में शामिल है, जहां ऐसे एक लाख से ज़्यादा लोगों को रखा जा रहा है, जिन पर कथित तौर पर दाएश से संबंध रखने का संदेह हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कैंप को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है।
अल हसाकेह गर्वनरेट के सीमावर्ती शहर क़ुआमिशली में बमबारी जारी है जिसके बाद यूएन और उसके साझेदार संगठनों ने जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
मानवीय मामलों की यूएन एजेंसी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय राहत संगठनों ने कुछ स्थानों से अपने कर्मचारियों को वापस बुलाया है जबकि कुछ कामकाज सीमा से हटकर अन्य सुरक्षित क्षेत्रों में किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि बढ़ती असुरक्षा के कारण पहले से कमजोर स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। दो राष्ट्रीय अस्पताल, तीन फील्ड अस्पताल और घरेलू विस्थापितों के कैंप में बनाए गए स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह संचालित नहीं है या फिर सीमित सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
साथ ही कुछ साझेदार संगठनों ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी और साझेदार संगठन तेज़ी से बदल रही स्थिति के लिए जरूरत के अनुरूप तैयारी में जुटे हैं। इसके तहत चिकित्सा उपचारों, वैक्सीन और अन्य दवाईयों का भंडारण किया जा रहा है।