विश्व निकाय ने सौर ऊर्जा पर भारतीय नेतृत्व को लेकर भरोसा जताया है। उसने कहा कि सौर ऊर्जा पर भारत का नेतृत्व और उद्योगों का सौर ऊर्जा को अपनाना यह भरोसा करने की एक वजह देता है कि दुनिया जलवायु संबंधी लक्ष्यों को हासिल कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने यह बात कही।
उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा, यह भरोसा जलवायु लक्ष्यों के लिए अहम
अमीना मोहम्मद ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 महामारी से बेहाल हुई अर्थव्यवस्थाओं को अब जब सरकारें दोबारा खोल रही हैं तो ऐसे में जरूरी है कि इसे पटरी पर उस तरीके से लाया जाए जो न केवल टिकाऊ, लचीला और निष्पक्ष हो, बल्कि रोजगारों से समृद्ध भी हो। अमीना ने पिछले हफ्ते ‘पीपुल एंड क्लाइमेट- जस्ट ट्रांजिशन इन प्रैक्टिस’ नामक एक वेबिनार में जलवायु परिवर्तन से उबरने के वैश्विक प्रयासों को उत्साहजनक खबर बताया।
उन्होंने कहा, जापान और कोरिया गणराज्य समेत कुल 110 देशों ने 2050 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का संकल्प लिया है। चीन ने कहा है कि वह 2060 तक ऐसा करेगा। सौर ऊर्जा को लेकर भारत का नेतृत्व और उद्योगों द्वारा इस ऊर्जा को अपनाया जाना बताता है कि हम जलवायु संबंधी लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
जलवायु चुनौतियों से सामना करना जरूरी
संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि अक्षय ऊर्जा में निवेश जीवाश्म ईंधन में निवेश की तुलना में तीन गुना अधिक रोजगार देता है। उन्होंने सभी सरकारों से हितधारकों के साथ काम करने के लिए एक विश्वसनीय योजना विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जलवायु चुनौतियों का सामना करना हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।