जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 66 देशों ने साल 2050 तक शून्य कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने पर सहमति जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को बताया कि न्यूयॉर्क में हो रही यूएन क्लाइमेट एक्शन समिट का लक्ष्य पेरिस समझौते को मजबूत करना है।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि आज मनुष्यों द्वारा सबसे ज्यादा ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन किया जा रहा है। ऐसे में 66 देशों का साथ आना जलवायु परिवर्तन के दीर्घकालीन प्रभाव को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस के कार्यालय की ओर से कहा कि जलवायु इमरजेंसी एक ऐसी रेस है जिसे हम हार रहे हैं, लेकिन इस रेस को हम जीत सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि विश्व को जलवायु परिवर्तन को विज्ञान द्वारा तय किए गए स्तर तक लाने के लिए दुनिया को मौजूदा प्रयासों को पांच गुना बढ़ाना होगा।