दुनिया में पहली बार जलवायु परिवर्तन को लेकर एक अनोखे मुकदमे का निपटारा हुआ है। पेरिस की एक अदालत ने फ्रांस सरकार को जलवायु खतरों से निपटने के लिए पूरा प्रयास नहीं करने का दोषी करार दिया है। अदालत ने फ्रांस सरकार पर एक यूरो का प्रतीकात्मक जुर्माना लगाया है। पेरिस की प्रशासनिक अदालत में इस मुकदमे की सुनवाई हुई।
दरअसल, दो साल पूर्व चार गैर सरकारी संगठनों ने यह मुकदमा दायर किया था, जिसे 23 लाख लोगों का समर्थन प्राप्त था। ऑनलाइन याचिका पर इतने लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। कई बार सुनवाई करने के बाद बुधवार को अदालत ने फैसला दिया। अदालत ने ऐतिहासिक फैसले में फ्रांस में जलवायु परिवर्तन पारिस्थितिकीय तंत्र को क्षति पहुंचने की बात मानी।
अदालत ने कहा कि फ्रांस सरकार ग्रीनहाउस गैसों को कम करने के लक्ष्यों को पूरा करने में नाकामयाब रही है, जिसके चलते पारिस्थितिकीय क्षति हुई। इस पर अदालत ने राज्य को मुआवज़े के रूप में 1 यूरो की प्रतीकात्मक रकम का भुगतान करने का आदेश दिया।
निर्णय लेने के लिए खुद को दो महीने का समय दिया
मुकदमे के दौरान पेरिस की अदालत ने समस्या को सुधारने और चीजों को खराब होने से रोकने के उपायों पर निर्णय लेने के लिए खुद को दो महीने का समय दिया। अदालत ने कहा कि क्षति की भरपाई के लिए सरकार को ग्रीनहाउस गैसों को कम करने के लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
इन लक्ष्यों को नहीं किया पूरा