भारत में बाल विवाह में कमी का पूरी दुनिया के बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में बाल विवाह में कमी के कारण पिछले 25 सालों में पूरी दुनिया में यह नुकसानदेह चलन घटा है।
यूनिसेफ के बाल अधिकारों पर आधारित ‘एवरी चाइल्ड एवरी राइट’ अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया ने पिछले तीन दशकों में बच्चों का जीवन सुधारने में भले ही ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हों, पर गरीब बच्चों तक उसका लाभ पहुंचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाल विवाह के नुकसानदेह चलन में दुनियाभर में कमी आई है और उच्च सामाजिक व्यय, आर्थिक विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे कारकों को भी बाल विवाह में कमी से जोड़कर देखा जा सकता है।